Online Registration Period will be applicable upto 30/11/2016

 

overview

उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद का गठन परिषद अधिनियम 1965 के अन्तर्गत माह अप्रैल 1966 में विभिन्न आवास एवं विकास योजनाओं का नियोजित ढंग से कार्यान्वयन करते हुए प्रदेश तथा राष्ट्रीय स्तर की आवास नीति एवं कार्यक्रम के अनुसार आवास संबंधी कार्यों में समन्वय लाने के उद्देश्य से किया गया था।

उद्देश्य

(अ) प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में विभिन्न आवास संबंधी कार्यकलापों की योजना बनाना एवं इन योजनाओं का शीघ्र तथा प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना।
(ब) केन्द्र एवं राज्य सरकार, व्यवसायिक बैंक, वित्तीय संस्थाओं तथा अन्य सार्वजनिक निगमों तथा उपक्रमों से अनुदान अथवा ऋण लेना।
(स) भूमि अर्जित करना तथा आवासीय योजनाओं में सड़क, विद्युत, जलापूर्ति, जल सम्भरण तथा अन्य नगरीय सुविधाओं एवं आवश्यकताओं की व्यवस्था करते हुए पंजीकृत व्यक्तियों की मांग के अनुरूप भूखण्ड अथवा भवन आदि निर्मित करके उनको आवंटित करना।
(द) समाज के दुर्बल वर्ग तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति, सुरक्षा कर्मचारी एवं स्वतंत्रता सेनानी वर्ग के आवेदकों के लिए भवन उपलब्ध कराने हेतु विशेष प्रयास करना।
(ध) केन्द्र/राज्य सरकार तथा उसके उपक्रम अथवा अन्य संस्थाओं के लिए कार्यालय भवन, शापिंग काम्पलेक्स तथा आवासीय कालोनियों का निर्माण करना व तकनीकी सलाह देना।
(न) भवन निर्माण एवं विकास कार्यों में गति लाना तथा लागत में कमी लाने के उद्देश्य से अनुसंधान कार्यों को प्रोत्साहन देना तथा काॅस्ट इफेक्टिव टेक्नालाॅजी का प्रयोग करते हुए स्थानीय सामग्रियों का उपयोग करने हेतु प्रोत्साहित करना।

    नगरीय जनसंख्या में हो रही तीव्र वृद्धि के सापेक्ष आवास की मांग को पूरा करने हेतु प्रयत्नशील।

    परिषद अपनी योजनाओं के अन्तर्गत उन सभी अनिवार्य सेवाओं तथा नागरिक सुविधाओं जैसे-विद्युत- आपूर्ति, शुद्ध पेय जल, ड्रेनेज, सीवर प्रणाली, नालियों, सड़कों, पार्कों तथा सामुदायिक केन्द्र आदि की व्यवस्था करने हेतु प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही परिषद अपनी योजनाओं में विक्रय केन्द्रों, विद्यालयों एवं विभिन्न संस्थाओं आदि के निर्माण हेतु भी व्यवस्था करती है जिससे योजनाएं स्वयं परिपूर्ण शहरी इकाईयों के रूप मे विकसित हो सके।

    परिषद की योजनाओं में सम्पत्ति के प्रदेशन के लिए इच्छुक पंजीकृत आवेदकों के मध्य सम्पत्तियों का आवंटन लाटरी प्रणाली अथवा कम्प्यूटर के माध्यम से (स्यूडो रैंडम) प्रणाली के आधार पर किया जायेगा।

 

 

 


important dates

Last Date For Registering Online (Step - I) : 30.11.2016
Last Date for Depositing Registration Amount in Bank : 30.11.2016
Last Date For Final Submission of Online Application (Step-II) : 01.12.2016

 

 

 


LOCATION / SECTOR WISE PLAN

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details of flats

फिनिश्ड/सेमी फिनिश्ड (मध्यम आय वर्ग श्रेणी) डुपलैक्स भवनों का विवरण:-

 

स्पिनिंग मिल आवासीय योजना इटावा में भवनों का विवरण
क्र.सं. डुपलेक्स भवनों का प्रकार व क्षेत्रफल सम्पत्ति श्रेणी कोड भवनों की प्रस्तावित संख्या भवनों का अनुमानित मूल्य (रू0 लाख में) प्रस्तावित पंजीकरण धनराशि (रू0 लाख में) किश्त की संख्या प्रथम एक मुश्त धनराशि (लाख में) मासिक किश्त की धनराशि
सामान्य वर्ग
आरक्षित वर्ग
1 ए-72 प्रकार के सेमी फिनिश्ड डुपलैक्स भवन क्षे0 72 वर्गमी. 01 84 33.80 1.69 0.85 120 13.52 26200.00
2 ए-72 प्रकार के फिनिश्ड डुपलेक्स भवन क्षे. 72 वर्गमी. 02 83 39.22 1.97 0.99 120

15.69

307400.00

भुगतान की प्रक्रिया

मध्यम आय वर्ग के आवंटन के पश्चात 40 प्रतिशत धनराशि एक माह में, शेष धनराशि 10 वर्षो की सब्याज मासिक किश्तों में भुगतान करना होगा।

एक मुश्त भुगतान विकल्प देने पर

आवंटन के पश्वात आवंटन पत्र निर्गत होने पर भवन के कुल मूल्य का 3 माह में भुगतान करना होगा।

आवंटन के पश्चात आवंटन पर निर्गत तिथि से 60 दिन के अन्दर सम्पत्ति के मूल्य तथा विविध शुल्क का पूर्ण भुगतान करने पर भवनों में कुल मूल्य का 2 प्रतिशत छूट की विशेष सुविधा अनुमन्य है।

किश्तों में भुगतान विकल्प देने पर

ए-72 प्रकार के फिनिश्ड / सेमी फिनिश्ड मध्यम आय वर्ग डुपलेक्स भवनों के पश्चात 40% एक माह में, शेष धनराशि 10 वर्षो की सब्याज मासिक किश्तों में।

नोट

तालिका में दर्शायी गयी सम्पत्तियों की संख्या संशोधित / परिवर्तित हो सकती है।

न्यायालय के आदेशानुसार अथवा अन्य किन्हीं कारणों से यदि परिषद द्वारा आवंटन पत्र में उल्लिखित मूल्य मे परिवर्तन करना पड़ा तो तदनुसार आवंटी को भुगतान करना होगा।

सम्पत्तियों की संख्या में कमी/वृद्धि हो सकती है जिस हेतु कोई क्लेम मान्य नहीं होगा।

भवनों के मूल्य के अतिरिक्त सम्पूर्ण भूमि क्षेत्रफल हेतु तत्समय आगणित भूमि मूल्य का 12 प्रतिशत फ्रीहोल्ड चार्ज भी देय होगा।

भवन का कब्जा शासन द्वारा निर्धारित दरों पर स्टाम्प ड्यूटी व रजिस्ट्री शुल्क की अदायगी के बाद हस्तगत किया जायेगा।

आवंटन में परिषद / शासन द्वारा निर्धारित नियमें के अनुसार आरक्षण देय होगा।

भवन का अन्तिम मूल्य आवंटन नम्बरिंग ड्रा तिथि पर प्रचलित भूमि दर के आधार पर मूल्य आगणित किया जायेगा।

कार्नर की सम्पत्तियों पर भूमि मूल्य का 10 प्रतिशत अतिरिक्त मूल्य देय होगा।

सम्पत्ति का मूल्य अनुमानित है जो वास्तविक गणना के आधार पर परिवर्तनीय है।

 

 


key features

  • FLATS
  • TOWNSHIP

डुप्लेक्स फ्लैट्स की विशिष्टयां

(1) सेमी फिनिश्ड प्रकार के
स्ट्रक्चर
:
भूकम्परोधी निर्माण।
चौखट
:
एम.एस. आयरन।
दरवाजे
:
फ्लश डोर शटर्स 30 एम.एम.आई.एस.आई. मार्क (बाहरी दरवाजों में)।
खिड़कियाँ
:
एम.एस. आयरन।
डोर फिटिंग्स
:
स्टेन लेस स्टी डोर फिटिंग्स
रंग रोगन
:
सफेद सीमेन्ट एक कोट बाहरी सतह पर, बाहरी दरवाजे पर एनेमल पेन्ट।
(2) फिनिश्ड प्रकार के
स्ट्रक्चर
:
भूकम्प रोधी निर्माण।
फर्श
:
लिविंग, बेडरूम एवं किचन में टाइल्स।
किचन
:
कुकिंग प्लेटफार्म पर बड़ौदा ग्रीन एवं प्लेट फार्म के ऊपर टाइल्स तथा स्टेन लेस स्टील का सिंक।
चौखट
:
एम.एस. आयरन।
दरवाजे
:
फ्लश डोर शटर्स 30 एम.एम.आई.एस.आई. मार्क।
खिड़कियाँ
:
एम.एस. आरयन / शटर्स एवं ग्लास ग्रिल सहित।
डोर फिटिंग्स
:
स्टेन लेस स्टील डोर फिटिंग्स।
रंग रोगन
:
अन्दर दीवारों व छत पर डिस्टैम्पर बाहरी सतह पर एपैक्स / वेदर कोट फिनिशिंग, दरवाजों पर एनेमल पेन्ट।
जलापूर्ति
:
सभी भवनों हेतु छत पर 500 ली.पी.वी.सी. टैंक
विद्युत
:
अग्निरोधक पी0वी0सी0 कापर कन्सील्ड वायरिंग का प्राविधान।
स्टेयर केस
:
एम.एस. आयरन पाइप रेलिंग।

 

 

टाउनशिप की प्रमुख विशेषताऍ

रेलवे स्टेशन से 2 किमी. की दूरी पर स्थित।

बस स्टैण्ड से 3 किमी. की दूरी पर स्थित।

सिविल लाइन्‍स के करीब डी.एम. आवास से 1किमी. की दूरी।

नेशनल हाइवे-2 इटावा मैनपुरी रोड पर योजना प्रस्ता‍वित।

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लान्ट योजना में प्रस्तावित।

 

 

 


eligibility & rules

पंजीकरण हेतु पात्रता

आवेदक की आयु आवेदन करते समय 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिये।।

आवेदक तथा उसके परिवार के पास उस नगर में जहां भवन / भूखण्ड आवंटित होना है कोई अपना भवन अथवा आवासीय भूखण्ड नही होना चाहिये तथा उत्तर प्रदेश के किसी अन्य नगर अथवा शहरी क्षेत्र में एक से अधिक भवन / भूखण्ड नहीं होना चाहिए।

आवेदक अथवा उसके परिवार के पक्ष में परिषद द्वारा सम्बन्धित नगर में पहले कोई भवन / भूखण्ड आवंटित नहीं किया गया है और यदि पहले कराये गये पंजीकरण के फलस्वरूप कोई सम्पत्ति आवंटित हो जाती है तो यह पंजीकरण निरस्त समझा जायेगा।

पंजीकरण के नियम

पंजीकरण एक से अधिक या संयुक्‍त नाम से नहीं किया जा सकता है। संयुक्त पंजीकरण केवल पति-पत्नी के नाम से अनुमन्य है।

अति विशेष परिस्थितियों में पंजीकरण हस्तान्तरण पति/पत्नी के नाम किया जा सकता है, पंजीकृत व्यक्ति के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति के पंजीकरण की प्रार्थना पर विचार नहीं किया जायेगा।

पंजीकरण के खुले चरण में प्राप्त सभी आवेदन पत्रों के भली-भांति परीक्षणोपरान्त सही पाये गये सभी आवेदन पत्रों से सम्बन्धित पंजीकृत व्यक्तियों की पात्रता सूची चरणवार लाटरी द्वारा अथवा कम्प्यूटर के माध्यम (स्यूडो रैण्डम प्रणाली) से निर्धारित की जायेगी और पात्रता के आधार पर चयनित आवेदकों के मध्य सम्पत्तियों को लाटरी द्वारा चयन / आवंटित किया जायेगा।

परिषद में पंजीकृत ही व्यक्ति को परिषद भूखण्ड या भवन देने के लिये बाध्य नहीं है और यदि किसी आवेदक को वांछित सम्पत्ति नहीं मिल पाती तो इसके लिये वह परिषद से किसी प्रकार का हर्जाना प्राप्त करने का हकदार न होगा।

 

 

 


ALLOtment RULES

आवंटन नियम

एक आवेदक जिसमें उसके परिवार के सदस्य भी सम्मिलित हैं, को उत्तर प्रदेश के केवल एक शहर में एक ही भूखण्ड या भवन आवंटित किया जायेगा। प्रदिष्ट सम्पत्ति के नगर के अतिरिक्त अन्य किसी एक नगर में स्वयं वित्‍त पोषित योजना का एक भवन आवंटित किया जा सकता है।

आवंटित सम्पत्ति का विक्रय एवं हस्तान्तरण के सम्बन्ध में समय-समय पर परिषद द्वारा जो नियम अनुमन्य होंगे, इस योजना के आवंटियों पर भी लागू होंगे।

परिषद द्वारा सम्पत्तियों का आवंटन फ्री-होल्ड रूप में किया जायेगा।

पात्रता ड्रा में सफल पात्र पंजीकृत आवेदकों को लाटरी के माध्यम से सम्पत्ति विशेष का आवंटन किया जायेगा एवं लाटरी की तिथि पर प्रचलित भूमि दर तथा वास्तविक निर्माण लागत के आधार पर सम्पत्ति मूल्य की गणना की जायेगी।

प्रदेशन के उपरान्त सम्पत्ति न लेने पर परिषद नियमानुसार कटौती होगी।

प्रदेशन-पत्र में निर्धारित तिथि तक वांछित धनराशि जमा न करने तथा अन्य औपचारिकताओं की पूर्ति न करने पर प्रदेशन परिषद के नियमानुसार कटौती करते हुए पंजीकरण एवं प्रदेशन निरस्त कर दिया जायेगा और सम्पत्ति अन्य इच्छुक / पंजीकृत व्यक्ति को परिषद नियमानुसार अन्य के पक्ष में इस सम्बन्ध में आवंटी का कोई क्लेम मान्य नही होगा।

यदि किसी पंजीकृत व्यक्ति के पक्ष में आवंटन हो जाने के उपरानत आवंटन की शर्तो को पूरा नहीं करता है तो उसका पंजीकरण निरस्त कर दिया जायेगा। आवंटन के पश्चात निरस्तीकरण की दशा में निर्धारित पंजीकरण धनराशि का तीन माह में अधिकतम 20 प्रतिशत यथा तीन माह के पश्चात अधिकतम 50 प्रतिशत की कटौती की जायेगी।

किराया क्रय पद्धति पर आवंटित की जाने वाली सम्पत्ति के मूल्य तथा भुगतान की अवधि में परिवर्तन करने का अधिकार परिषद के पास सुरक्षित है।

पंजीकरण / आवंटन आदि से सम्बन्धित किसी भी मामले में आवास आयुक्त का निर्णय अन्तिम होगा। उन्हें अपने विवेकानुसार इस पुस्तिका में यहाँ अथवा अन्य किसी स्थान पर वर्णित किन्हीं भी शर्तो को शिथिल किये जाने का अधिकार होगा।

सम्पत्ति के आवंटन हेतु सम्बन्धित शहर / योजना के स्थानीय सम्पत्ति प्रबन्ध कार्यालय अथवा जोन कार्यालय से सम्पर्क करने का कष्ट करें।

शासनादेश के अनुसार सम्पत्ति का कब्जा प्राप्त करने हेतु निर्धारित मूल्य का स्टाम्प शुल्क अथवा शासन / परिषद ओदशानुसार निर्धारित स्टाम्प शुल्क देय होगा।

उपरोक्त समस्त सूचनायें परिवर्तनीय है जिसमें किसी पूर्व नोटिस के बिना परिवर्तन का अधिकार आवास आयुक्त में निहित है।

 

 

 


Other Terms & Criteria

अन्य महत्वपूर्ण शर्ते/सूचना

सामान्य पंजीकरण 2016 (1) की पंजीकरण पुस्तिका का विक्रय एवं पंजीकरण आवेदन पत्र समस्त संलग्नकों सहित जमा करने आदि से सम्बन्धित कार्य उपरोक्त बैंक से किया जायेगा।

(अ) डाक द्वारा पंजीकरण पुस्तिका मंगाने हेतु रू0 500/- (476.20+23.80 वैट) पुस्तिका मूल्य एवं डाक व्यय (रू0 50/-) प्रेषित कर पंजीकरण पुस्तिका उल्लिखित बैंक एवं जन प्रकोष्ठ / प्रचार अनुभाग उ.प्र. एवं विकास परिषद, 104 महात्मा गांधी मार्ग, लखनऊ से प्राप्त की जा सकती है।
(ब) डाक में होने वाले विलम्ब के लिये बैंक / परिषद उत्तरदायी नहीं होगी।

बैंक ड्राफ्ट / पे-आर्डर "उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद" के नाम से इटावा नगर पर देय है, पंजीरकरण आवेदन पत्र के साथ जमा करना होगा। पंजीकरण धनराशि नगद नहीं जमा की जायेगी।

केन्द्र सरकार / उ0प्र0 सरकार द्वारा यदि कोई कर जैसे वैट, सर्विस टैक्स, जी.एस.टी.टी.एस. आदि आरोपित किया जाता है तो वह आवंटी को वहन करना होगा।

 

 

 


RESERVATION CRITERIA

प्रस्तावित योजना के प्रत्येक श्रेणी के फ्लैट्स में निर्गत आरक्षण शासन / परिषद के आदेशों के अनुसार प्रभावी होगा।

 

क्र. सं. श्रेणी आरक्षण प्रतिशत अतिरिक्त रियायतों तथा सूचनात्मक टिप्पणी
1. अनुसूचित जाति 21 उ0प्र0 सरकार द्वारा निर्धारित सूची के अर्न्तगत उल्लिखित जातियाँ ही पात्र होगी। पंजीकरण आवेदन पत्र के साथ जिलाधिकारी / अपर जिलाधिकारी / उपजिलाधिकारी / तहसीलदार द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करानी होगी।
2. अनुसूचित जनजाति 2 तदैव
3. अन्य पिछड़ा वर्ग 27 तदैव
4. मा0 विधायक / मा0 सांसद

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी

5 (अ) पंजीकरण आवेदन पत्र के साथ जिलाधिकारी/अधिकृत प्राधिकारी द्वारा निर्गत प्रमाण-पत्र प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध संलग्न करना है।
5. सरकारी सेवाओं तथा सुरक्षा सेवाओ के कर्मचारी जो 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हो। 5 पंजीकरण आवेदन- पत्र के साथ अधिकृत प्राधिकारी का प्रमाण-पत्र की प्रमाणित छायाप्रति संलग्न करना है।
6. उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद, विकास प्राधिकरण, जल संस्थान नगर महापालिका व स्थानीय निकायों के कर्मचारी 2 पंजीकरण आवेदन-पत्र के साथ अधिकृत / सक्षम अधिकारी का प्रमाण पत्र मूलरूप में संलग्न करना है। शर्त यह है कि कर्मचारी नियमित अधिष्ठान के अन्तर्गत कार्यरत हो
7. वर्तमान सैनिक, भूतपूर्व सैनिक व उनके आश्रित 3 पंजीकरण आवेदन पत्र के साथ नियत सैनिक अधिकारी / अधिकृत प्राधिकारी के प्रमाण- पत्र की छायाप्रति किसी राजपत्रित अधिकारी से प्रमाणित कराकर संलग्न करना है।
8. समाज के विकलांग व्यक्ति 3 मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र की प्रमाणित छायाप्रति संलग्न करना है।
9. वरिष्ठ नागरिक (आवेदन-पत्र को जमा करने की निर्धारित अन्तिम तिथि तक 60 वर्ष अथवा उससे अधिक की आयु पूर्ण होने के आधार पर) 10 मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा निर्गत आयु प्रमाण-पत्र अथवा वैधानिक प्रमाण-पत्र की प्रमाणित छायाप्रति संलग्न करना है।
10. परिषद योजनाओं द्वारा उसी योजना में विस्थापित व्यक्ति कोई निश्चित प्रतिशत नही (अधिकतम 10 प्रतिशत) पंजीकरण दौर के बावजूद आवंटन में सर्वोच्च प्राथमिकता, सम्बन्धित विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी एवं उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद से निर्धारित प्रमाण-पत्र संलग्न करने पर विस्थापित को दी जायेगी अथवा परिषद द्वारा निर्धारित क्षेत्रफल का भूखण्ड / भवन दिया जायेगा अथवा यथा निर्धारित वांछित श्रेणी की एक सम्पत्ति आवंटित की जायेगी।
नोट :-

उपरोक्त में से क्रमांक 1 से 3 में आवेदक जिस वर्ग में आवेदन करेगें लाट्री में उसी श्रेणी में सम्मिलित किया जायेगा। क्रमांक 04 से 09 तक के आरक्षण शासनादेश / परिषदादेशों के प्राविधानानुसार श्रेणी 01 से 03 तक व अनारक्षित (सामान्य) श्रेणी के मध्य से ही हारिजेन्टल रूप से किया जायेगा।

आरक्षण सम्बन्धी व्यवस्था में परिवर्तन का अधिकार शासन / परिषद के पास सुरक्षित है।

क्रमांक 1 से 3 तक आरक्षण प्रमाण-पत्र उ.प्र. का ही होना अनिवार्य है।

विशेष श्रेणियों को दी जाने वाली रियायतों में प्रतिबन्ध यह है कि आरक्षित वर्ग के व्यक्तियों को आवासीय सम्पत्ति के मूल्य में किसी प्रकार की छूट अनुमन्य नहीं होगी। यदि आरक्षित वर्ग के पंजीकरण व्यक्तियों की संख्या उनके लिये आरक्षित सम्पत्तियों की संख्या से कम होती है तो कोटा संविलियन के पश्चात भी शेष रहने वाली सम्पत्तियों को सामान्य श्रेणी के पंजीकृत व्यक्तियों को अथवा यथा निर्धारित आवंटित कर दिया जायेगा।

 

 


PAYMENT TERMS (POST ALLOT.)

भुगतान का तरीका

भुगतान की तिथि एवं किश्तों की धनराशि जमा करने के सम्बन्ध में विवरण, पात्रता चयन आवंटन होने पर मांग पत्र के माध्यम से सूचित किया जायेगा। मांग पत्र निर्गमन तिथि से एकमुश्त की धनराशि 30 दिन के अन्दर तथा शेष धनराशि 120 मासिक किश्तों में ब्याज सहित देय होगी।

मांग पत्र में दर्शाये गये विवरण के अनुसार निर्धारित तिथि तक वांछित भुगतान नहीं किया गया तो किश्त की देय धनराशि पर विलम्ब अवधि के लिए, जो अधिकतम 03 माह होगी, परिषद नियमानुसार साधारण ब्याज के साथ निर्धारित अतिरिक्त ब्याज देय होगा, जिसका भुगतान निर्धारित किश्तों की धनराशि के साथ करना होगा अन्यथा आवंटन एवं पंजीकरण निरस्त कर दिया जायेगा।

यदि किसी व्यक्ति द्वारा निर्धारित तिथि से 3 माह के अन्दर देय किश्त की निर्धारित मूल धनराशि का भुगतान नहीं किया जाता है तो उसका पंजीकरण स्वतः निरस्त समझा जायेगा और जमा की गयी धनराशि की वापसी परिषद के नियमों के अनुसार पंजीकरण धनराशि में से निर्धारित कटौती करते हुए बिना ब्याज के की जायेगी।

नगर निगम अथवा अन्य किसी विभाग/निकाय द्वारा लगाये गये समस्त/कर/शुल्क, गृहकर, जलकर, आदि का भुगतान नियमानुसार आवंटी को करना होगा।

पंजीकरण के उपरान्त मांग पत्र के अनुसार देय किश्तों की धनराशि का भुगतान परिषद द्वारा अधिकृत बैंक में ही नकद अथवा बैंक ड्राफ्ट द्वारा किया जायेगा। बैंक ड्राफ्ट से किश्त जमा करने की दशा में "उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद सामान्य श्रेणी बहुमंजिली आवासीय परियोजना-2016 (द्वितीय चरण)" के नाम बैंक ड्राफ्ट जो आगरा शहर में देय हो मांगपत्र में अधिकृत बैंक को पंजीकरण संख्या, आवेदक का नाम योजना का नाम, फ्लैट संख्या एवं श्रेणी आदि विवरण सहित जमा करना होगा।

 

 

 


Helpdesk

For Scheme Implementation/Location/ Construction Related Query :

Sri S.P.N. Singh, SE Circle-4,Kanpur
(Mob. 87958-10050)
Sri Arvind Kumar, EE CU-Etawah
 (Mob. 87958-10209)

 
For Property Registration/Allotment/ Refund Related Query :

Sri Laxman Prasad, DHC Kanpur Zone
 (Mob. 87958-10015)
Sri D.K. Shukla, EMO Etawah
(Mob. 87958-10745)

For Bank Related Issues :

Mr. Manoj Minocha, Branch Manager-HDFC
(Ph : 0522-6160616)
Mr. Ankur Soni, Branch Manager-HDFC
(Mob. 7852833744)

For Website Related & other Technical Issues :

Mr. Vishnu Prasad (Ph : 0522-2239260)
Mr. Titus/Mr. Gaurav Gupta (Ph :0522-4150500)

 

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