Online Registration Period will be applicable upto 31.03.2017)

 

overview

उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद


उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद का गठन परिषद अधिनियम 1965 के अन्तर्गत माह अप्रैल 1966 में विभिन्न आवास एवं विकास योजनाओं का नियोजित ढंग से कार्यान्वयन करते हुए प्रदेश तथा राष्ट्रीय स्तर की आवास नीति एवं कार्यक्रम के अनुसार आवास संबंधी कार्यों में समन्वय लाने के उद्देश्य से किया गया था।

उद्देश्य

प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में विभिन्न आवास संबंधी कार्यकलापों की योजना बनाना एवं इन योजनाओं का शीघ्र तथा प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना।

केन्द्र एवं राज्य सरकार, व्यावसायिक बैंक, वित्तीय संस्थाओं तथा अन्य सार्वजनिक निगमों तथा उपक्रमों से अनुदान अथवा ऋण लेना।

भूमि अर्जित करना तथा आवासीय योजनाओं में सड़क, विद्युत, जलापूर्ति, जल सम्भरण तथा अन्य नगरीय सुविधाओं एवं आवश्यकताओं की व्यवस्था करते हुए पंजीकृत व्यक्तियों की मांग के अनुरूप भूखण्ड अथवा भवन आदि निर्मित करके आवंटित करना।

समाज के दुर्बल वर्ग तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति, सुरक्षा कर्मचारी एवं स्वतंत्रता सेनानी वर्ग के व्यक्तियों के लिए भवन उपलब्ध कराने हेतु विशेष प्रयास करना।

केन्द्र/राज्य सरकार तथा उसके उपक्रम अथवा अन्य संस्थाओं के लिए कार्यालय भवन, शापिंग काम्पलेक्स तथा आवासीय कालोनियों का निर्माण करना व तकनीकी सलाह देना।

भवन निर्माण एवं विकास कार्यों में गति लाना तथा लागत में कमी लाने के उद्देश्य से अनुसंधान कार्यों को प्रोत्साहन देना तथा काॅस्ट इफेक्टिव टेक्नालाॅजी का प्रयोग करते हुए स्थानीय सामग्रियों का उपयोग करने हेतु प्रोत्साहित करना।

प्रदेश में सहकारिता आन्दोलन को बढ़ावा देने के लिए सहकारी आवास समितियों को प्रोत्साहित करना।

आवंटियों को सम्पत्ति के लिए वित्तीय संस्थाओं से वांछित ऋण उपलब्ध कराना।

परिषद अपनी योजनाओं के अन्तर्गत उन सभी अनिवार्य सेवाओं तथा नागरिक सुविधाओं जैसे-विद्युत- आपूर्ति, शुद्ध पेय जल, ड्रेनेज, सीवर प्रणाली, नालियों, सड़कों, पार्कों तथा सामुदायिक केन्द्र आदि की व्यवस्था करने हेतु प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही परिषद अपनी योजनाओं में विक्रय केन्द्रों, विद्यालयों एवं विभिन्न संस्थाओं आदि के निर्माण हेतु भी व्यवस्था करती है जिससे योजनाएं स्वयं परिपूर्ण शहरी इकाईयों के रूप में विकसित हो सके।

परिषद जन-साधारण की आवश्यकताओं की पूर्ति के अतिरिक्त सहकारी समितियों एवं सार्वजनिक संस्थाओं को भी आवासीय भवन एवं विकसित भूखण्ड उपलब्ध कराती है।

परिषद की योजनाओं में सम्पत्ति के प्रदेशन के लिये पंजीकृत व्यक्तियों के मध्य सम्पत्तियों का आवंटन लाटरी प्रणाली द्वारा किया जायेगा।

 


important dates

Important Dates for Amrapali Enclave flats at Amrapali Yojna, Gomti Enclave flats at Avadh Vihar Yojna & Saryu Enclave flats at Avadh Vihar Yojna, Lucknow.
Last Date For Registering Online (Step - I) : 31.03.2017
Last Date for Depositing Registration Amount in Bank : 31.03.2017
Last Date For Final Submission of Online Application (Step-II) : 01.04.2017

 


LAYOUT & OTHER PLANS

  • example1
    Layout Plan of Mandola Vihar
  • example1Transport Layout
    Plan-Mandola Vihar

 


details of Plots

आवासीय भूखण्डों का विवरण मण्डोला विहार (दिल्ली सहारनपुर मार्ग एवं गृहस्थान योजना) गाजियाबाद 300 नग

 

क्र. सं. सम्पत्ति की श्रेणी आवासीय भूखण्डों की संख्या आवासीय दर प्रति वर्ग मी. आवासीय दर प्रति वर्ग मी. पंजीकरण धनराशि (रू0 में)
सामान्य श्रेणी आरक्षित श्रेणी
1. आवासीय भूखण्ड 100 80 से 112 वर्ग मी. 23000 92000.00 46000.00
2. आवासीय भूखण्ड 100 113 से 162 वर्ग मी. 23000 130000.00 65000.00
3. आवासीय भूखण्ड 100 163 से 200 वर्ग मी. 23000 187500.00 93750.00

नोट :

उपरोक्त तालिका में दर्शायी गयी प्रविष्टियाँ संशोधित/परिवर्तित हो सकती है।

प्रदेशन के समय परिषद द्वारा निर्धारित/स्वीकृत सम्पत्ति मूल्य देय होगा।

तालिका में दर्शित मूल्य अनुमानित है।

मा. न्यायालय के आदेशानुसार अथवा अन्य किन्ही कारणों आदि से परिषद द्वारा सूचित किये गये आवंटित सम्पत्ति के मूल्य में परिवर्तन करना पड़ा तो तदनुसार आवंटी को भुगतान करना होगा।

भवनों का आवंटन फ्री होल्ड के आधार पर किया जायेगा, फ्री होल्ड शुल्क अतिरिक्त देय होगा एवं कार्नर भूखण्ड की दशा में 10 प्रतिशत कार्नर शुल्क अतिरिक्त देय होगा।

भवन हेरिटेबल होगें, एक से अधिक भूखण्ड का "अमलगमेशन" अथवा उन्हें जोड़कर एक इकाई/भवन बनाना प्रतिबन्धित रहेगा।

भुखण्ड का कब्जा 50 प्रतिशत धनराशि जमा कराने पर किश्त किराया अनुबन्ध निष्पादित कराने पर देय होगा। शेष धनराशि की 72 मासिक किश्तों में ब्याज सहित भुगतान करना होगा।

पात्रता ड्रा में असफल आवेदकों की पंजीकरण धनराशि निर्धारित बैंक शाखाअें की नोडल शाखा द्वारा धनराशि की वापसी की जायेगी।

आरक्षित श्रेणी आवेदकों को सक्षम अधिकारी द्वारा निर्गत आरक्षण प्रमाण पत्र की सत्यप्रति संलग्न करनी होगी, जो उ0प्र0 राज्य के निर्धारित जिलों से सम्बन्धित होगा।

आवेदकों को अपनी धनराशि अपने खाते से जमा करनी होगी।

परियोजना का नाम :- सामान्य आवासीय परियोजना 2016 गाजियाबाद।

परियोजना की लोकेशन :- दिल्ली-सहारनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित मण्डोला विहार योजना के सेक्ट- .... में प्रस्तावित।

 


key features

  • TOWNSHIP

 

टाउनशिप की विशेष आर्कषण

दिल्ली-सहारनपुर मार्ग (4 लेन निर्माणाधीन) पर स्थित है।

अन्तर्राज्यीय बस स्टेशन (आई.एस.बी.टी.सी.) 15 किमी. दूरी पर है।

लोनी रेलवे स्टेशन से 05 किमी. की दूरी पर है।

योजना तक मेट्रो रेल सेवा लाया जाना प्रस्तावित है।

यू.पी.एस.आई.डी.सी. के ट्रोनिका सिटी से लगा हुआ है।

दिल्ली की सीमा से मात्र 04 किमी. दूरी है।

सिग्नेचर ब्रिज से सीधा सम्पर्क मार्ग।

 


eligibility & rules

पंजीकरण हेतु पात्रता

आवेदक भारत का नागरिक हो।

आवेदन करते समय आवेदक की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहियें।

आवेदक अथवा उसके परिवार के पास उस नगर में जहॉ भूखण्ड/भवन क्रय करने के लिये पंजीकरण कराना है, अपना भूखण्ड/भवन नहीं होना चाहिये तथा उत्तर प्रदेश के किसी अन्य नगर अथवा शहरी क्षेत्र में एक से अधिक भूखण्ड/भवन नहीं होना चाहियें। रू0 10.00 के स्टाम्प पेपर पर नोटरी से सत्यापित शपथ पत्र पंजीकरण फार्म के साथ संलग्न करना अनिवार्य।

आवेदक अथवा उसके परिवार के पास उस समय अथवा भविष्य में भी परिषद द्वारा प्रदिष्ट की जाने वाली सम्पत्ति को संकलित करते हुए किसी अधिनियम/शासनादेश में निर्धारित सीमा से अधिक सम्पत्ति नहीं होना चाहिये।

आवेदक अथवा उसके परिवार के पक्ष में परिषद द्वारा एक नगर में भवन तथा किसी अन्य नगर में एक एस0एफ0एस0 भवन आवंटित किया जा सकता है। यह अधिकतम सीमा है। निर्धारित सीमा के अनुसार यदि प्रदेशन किया जा सके तभी पंजीकरण किया जा सकेगा।

 

पंजीकरण के नियम

आवेदन पत्र भरने से पूर्व इस पुस्तिका मे दिये गये आवेदन पत्र भरने के लिये निर्देशों का अध्ययन अवश्य कर लें, ताकि आवेदन-पत्र में किसी प्रकार की त्रुटि न होने पायें।

पंजीकरण हेतु निर्धारित बैंक से पंजीकरण पुस्तिका क्रय करके आवेदन पत्र सहित व पूर्ण रूप से भरकर निर्धारित तिथि तक अधिकृत बैंक की शाखा में अन्तिम तिथि से पूर्व वॉछित संलग्नको व पंजीकरण के लिये निर्धारित पंजीकरण धनराशि सहित जमा करना होगा।

पंजीकरण हेतु अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदको को पंजीकरण धनराशि की केवल आधी धनराशि जमा करनी होगी। पंजीकरण धनराशि में दी गयी छूट की धनराशि जमा करनी होगी। पंजीकरण धनराशि में दी गयी छूट की धनराशि सम्पत्ति आवंटित होने पर प्रथम किश्त के साथ एकमुश्त के रूप में देय होगी। आवेदक के आरक्षण के पात्र नहीं पाये जाने पर पंजीकरण धनराशि कम जमा होने के कारण अपात्र माने जायेगें एवं उनके निरस्त माने जायेगे।

भारत वर्ष के सशत्र सेनाओं के विभिन्न युद्धो में अपंग पाये सैनिक एवं युद्ध में मृत सैनिको के आश्रितों से 50 प्रतिशत पंजीकरण धनराशि ली जायेगी। पंजीकरण धनराशि में दी गयी छूट की धनराशि सम्पत्ति आवंटित होने पर प्रथम किश्त के साथ एकमुश्त के रूप में देय होगी।

पंजीकरण एक से अधिक या संयुक्त नाम से नहीं किया जा सकता है। पति-पत्नी द्वारा अलग-अलग आवेदन मान्य नहीं होगा। केवल पति-पत्नी के लिए संयुक्त पंजीकरण अनुमन्य है। विशेष परिस्थितियों में पंजीकरण का हस्तान्तरण पति-पत्नी के मध्य नियमानुसार किया जा सकेगा। पंजीकरण व्यक्ति के साथ किसी अन्य व्यक्ति के नाम जोडने अथवा पंजीकरण के अन्तरण की प्रार्थना पर विचार नहीं किया जायेगा।

यदि कोई आवेदक पंजीकरण पात्रता चयन या आवंटन तिथि, जो भी पहले हो पूर्व जमा पंजीकरण धनराशि वापस लेना चाहता है तो उसे बिना किसी कटौती के परिषद द्वारा निर्धारित रिफण्ड बाउचर भरकर आवेदन करने पर पंजीकरण धनराशि बैंक के माध्यम से वापस कर दी जायेगी, परन्तु पंजीकरण राशि पर कोई ब्याज देय नहीं होगा। किन्तु ऐसा निरस्त पंजीकरण बाद में पुर्नजीवित नहीं किया जा सकेगा।

पंजीकरण पात्रता ड्रा में सफल (चयनित) अथवा आवंटन के पश्चात आवेदको द्वारा पंजीकरण निरस्तीकरण तथा धनराशि वापसी का आवेदन प्राप्त होने पर सम्बन्धित सम्पत्ति प्रबन्ध कार्यालय द्वारा पंजीकरण धनराशि की नियमानुसार कटौती करते हुए शेष धनराशि वापसी की कार्यवाही की जायेगी।

सम्पत्ति आवंटन के उपरान्त सम्पत्ति प्रबन्ध कार्यालय द्वारा निर्गत प्रदेशन पत्र की तिथि से तीन माह के अन्दर निरस्तीकरण का आवेदन पत्र प्रस्तुत करने पर पंजीकरण धनराशि का 20 प्रतिशत तथा तीन माह के पश्चात आवेदन करने पर अथवा अदेयता के कारण हुए निरस्तीकरण की दशा में जमा पंजीकरण धनराशि के 50 प्रतिशत की कटौती करते हुए प्रदेशन / पंजीकरण निरस्त कर दिया जायेगा तथा अवशेष पंजीकरण धनराशि बिना ब्याज के वापस की जायेगी। पंजीकरण धनराशि प्राप्ति हेतु निर्धारित रिफण्ड बाउचर एवं प्राप्ति चालान की प्रति मूल रूप में आवेदन पत्र के साथ सम्पत्ति प्रबन्ध कार्यालय, गाजियाबाद में जमा करना होगा। इस प्रकार निरस्त कराये गये प्रदेशन / पंजीकरण को बाद में पुर्नजीवन हेतु किसी प्रकार क्लेम या दावा मान्य नहीं होगा।

जिन आवेदको द्वारा पंजीकरण में उल्लिखित निर्धारित पंजीकरण धनराशि की केवल 50 प्रतिशत पंजीकरण धनराशि जमा की है। पंजीकरण पात्रता ड्रा में सफल हो जाने अथवा प्रदेशन हो जाने के उपरान्त सम्पत्ति न लेने अथवा प्रदेशन की शर्तो को पूरा न करने पर उन आवेदको से भी निर्धारित पूर्ण धनराशि (प्रस्तर-1 के अनुसार) पर निर्धारित प्रतिशत अनुसार ही कटौती की गणना की जायेगी। इन आवेदकों से भी निर्धारित पूर्ण पंजीकरण धनराशि पर निर्धारित प्रतिशत अनुसार ही कटौती की गणना प्रस्तर-1 के अनुसार की जायेगी।

यदि किन्ही कारणों से परिषद द्वारा यह योजना संचालित नहीं करने का निर्णण लिया जाता है तो पंजीकृत आवेदको की जमा धनराशि परिषद नियमानुसार वापस कर दी जायेगी। किन्तु इस स्थिति में धनराशि के एक वर्ष से अधिक अवधि तक परिषद खाते में जमा रहने की स्थिति में ही परिषद के नियमार्न्तगत निर्धारित दर पर ब्याज दिया जायेगा।

प्रश्नगत पंजीकरण का आवेदन एवं पंजीकरण धनराशि मात्र इसी योजना के अन्तर्गत ही विचारणीय होगी। इसके आधार पर किसी अन्य योजना में कोई क्लेम या दावा मान्य नहीं होगा।

 


ALLOtment RULES

आवंटन नियम

नकद पर प्राप्त आवेदन पत्रों की वरीयता प्रदान की जायेगी। तदोपरान्त अवशेष सम्पत्तियों का आवंटन किश्त पर प्राप्त आवेदन पत्रों के मध्य किया जायेगा।

इस योजना के अन्तर्गत प्रत्येक पंजीकृत आवेदक को परिषद भूखण्ड देने के लिए बाध्य नहीं होगी और यदि किसी पंजीकृत आवेदक को सम्पत्ति आवंटित नहीं हो पाती तो आवेदक इसके लिए परिषद से किसी प्रकार का हर्जाना या बैकल्पिक भूखण्ड या अन्य अनुतोष प्राप्त करने का हकदार नहीं होगा।

पंजीकृत आवेदकों की संख्या आवंटन हेतु उपलब्ध भूखण्डों की संख्या से अधिक होने की स्थिति में समस्त पंजीकृत आवेदकों के नाम की पर्चियों को एक साथ डालकर लाटरी ड्रा के माध्यम से किया जायेगा।

परिषद द्वारा पंजीकृत आवेदकों के चयन के उपरान्त आवेदकों के जाति प्रमाण पत्र सम्बन्धित निर्गमनकर्ता सक्षम स्तर/जिलाधिकारी से सत्यापित कराये जायेंगे अन्यथा सूचना पाये जाने पर समस्त जमा पंजीकरण धनराशि जब्त कर आवंटन/पंजीकरण निरस्त कर दिया जायेगा।

समस्त चयनित आवेदक/पात्र समान होंगे, चयनित हो चुके आवेदकों की सहमति से ग्रुपिंग से एक साथ रहने के आधार पर फ्लैटों की उपलब्धि की स्थिति में आवेदन पत्र देने पर ग्रुप बनाये जाने की सुविधा यथा सम्भव दी जायेगी। दो आवेदकों की सीमा तक ही ग्रुपिंग अनुमन्य होगी।

सम्पत्ति संख्या का निर्धारण लाटरी ड्रा द्वारा किया जायेगा।

सामान्यत: आवंटित फ्लैटस का परिवर्तन नही किया जायेगा, विशेष परिस्थतियों में आवंटी की प्रार्थना पर आवंटित भूखण्ड का परिषद द्वारा निर्धारित शुल्क का भुगतान देने की शर्त के साथ आवास आयुक्त महोदय द्वारा परिवर्तन अनुमन्य किया जा सकता है। यह परिवर्तन भुखण्ड विलेख निष्पादन/कब्जा पूर्व ही अनुमन्य होगा।

प्रदेशन पत्र में उल्लिखित नियमें/प्राविधानों का पालन आवंटी को करना होगा।

 


Other terms/Criteria

अन्य महत्वपूर्ण शर्ते/सूचना

योजना आवासीय है। भूखण्ड प्रयोग केवल आवास हेतु किया जायेगा। आवंटी को भूखण्ड में स्वीकृत मानचित्र के अनुसार निर्माण कार्य अनुमन्य होगा। भूखण्ड में व्यावसायिक प्रयोग में व्यावसायिक प्रयोग / फ्लैट निर्माण कर अन्य व्यक्तियों को विक्रय किया जाना अनुमन्य नहीं होगा। भूखण्ड निर्माण कर उल्लंघन किये जाने विधिक कार्यवाही की जा सकेगी एवं आवंटन विक्रय-विलेख निष्पादन एवं उसका पंजीकरण निरस्त किया जा सकेगा। उपरोक्त शासन / परिषद के नियम, आदेश व निर्णय आवंटी पर प्रभावी होंगे।

यदि आवंटी / आवेदक की मृत्यु हो जाती है तो उसका पंजीकरण / आवंटित फ्लैट उसके उत्तराधिकारी द्वारा पंजीकरण / फ्लैट परिवर्तन करने हेतु परिषद के नियमानुसार आवश्यक अभिलेख यथा उत्तराधिकार प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र इन्टमिनिटी बॉण्ड आदि उपलब्ध कराने पर विवाद न होने की दशा में परिवर्तन अनुमन्य होगा।

आवंटन तक इस योजना की किसी शर्त में संशोधन का अन्तिम अधिकार आवास आयुक्त में निहित होगा यथा ऐऐ संशोधन प्रभावी होंगे।

पुस्तिका में असमावेशित रह गयी शर्तो के विषय में सम्बन्धित शासनादेशों व परिषद के प्राविधान प्रभावी होंगे।

किसी सक्षम न्यायालय के आदेशानुसार अथवा अन्य किन्ही अपरिहार्य कारणों से यदि परिषद द्वारा सूचित किये गये आवंटित सम्पत्ति के मूल्य में परिवर्तन करना पड़ा तो उसका भुगतान आवंटी को करना होगा।

किसी भी प्रकार के वाद का परिक्षेत्र गाजियाबाद होगा।

उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद पंजीकरण एवं प्रदेशन सम्बन्धी विनियम 1979 यथा संशोधित जून 1986 के प्राविधान / परिषद द्वारा समय-समय पर बनाये गये नियम/विनिमय लागू होगें।

भूखण्ड आवंटन की तिथि को प्रचलित भूमि दर देय होगी एवं केन्द्र सरकार/राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सेवाकर/जी.एच.टी. एवं अन्य कर नियमानुसार जो देय होगे वह लागू होंगे।

 

प्राविधान / शर्ते

उक्त उल्लिखित मूल्य अनुमानित है। उक्त निर्माण 30 माह में पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना के पूर्ण होने पर वास्तविक मूल्यांकन करके ही अंतिम मूल्य देय होगा। अतः नियत किश्तों की धनराशि घट-बढ़ सकती है। सम्पत्ति के वर्तमान में निर्धारित अनुमानित मूल्य में विभिन्न कारणों यथा - भवन निर्माण सामग्री की बाजार दरों में वृद्धि या श्रमिक मजदूरी में वृद्धि होने पर पूर्व निर्धारित मूल्य में बढ़ोत्तरी सम्भव है।

भवनों की टाइप डिजाइन व ले आउट में आवश्यकतानुसार परिवर्तन किया जा सकता है।

प्रथम तल, द्वितीय तल एवं तृतीय तल के आवंटियों से लोकेशन चार्जेज के रूप में विक्रय मूल्य का क्रमशः 3, 2 व 1 प्रतिशत अतिरिक्त मूल्य देना होगा।

आवंटियों को बेसमेंट पार्किंग रू0 1.75 लाख, कवर्ड स्टिल्ट कार पार्किंग रू0 2.00 लाख एवं ओपन कार पार्किंग रू0 1.00 लाख अतिरिक्त देय होगा। पार्किंग का आवंटन लाट्री पद्धति से किया जायेगा। अतिरिक्त पार्किंग की सुविधा उपलब्धता के आधार पर उपरोक्त निर्धारित मूल्यों पर देय होगी।

फ्लैट्स का भौतिक कब्जा आवंटी को प्रदान करने की तिथि से दो वर्ष तक अनुरक्षण व्यय हेतु आवंटी को "कॉपर्स फण्ड" में फलैट के विक्रय मूल्य का 5 प्रतिशत भौतिक कब्जा से पूर्व देय होगी। इन्क्लेव में सर्वप्रथम व्यक्ति को दिये गये कब्जा की तिथि से दो वर्ष के बाद अनुरक्षण कार्य आवंटियों की उपरोक्त कॉर्पस फण्ड की अवशेष बची धनराशि सहित आवंटियों की वेलफेयर सोसाइटी को हस्तगत कर दिया जायेगा। तत्पश्चात् समिति को अनुरक्षण अपने स्त्रोतों से करना होगा। प्रत्येक आवंटी को वेलफेयर सोसाइटी का सदस्य बनना अनिवार्य होगा।

परिसर का रखरखाव प्रथम कब्जे की तिथि से 02 वर्ष तक किया जाना प्रस्तावित है उसके उपरांत ‘‘रेजीडेन्ट वेलफेयर सोसायटी’’ द्वारा किया जायेगा। प्रत्येक आवंटी को वेलफेयर सोसायटी का सदस्य बनना अनिवार्य होगा।

सामान्य सेवाओं जैसे लिफ्ट आपरेशन, जनरेटर, कैम्पस लाइट, सेक्योरिटी गार्ड, टयूबवेल आपरेशन, कम्युनिटी सेन्टर की देखरेख, सफाई, विद्युत बिल आदि के रखरखाव हेतु फ्लैट आवंटी को कब्जा प्राप्त तिथि से दो वर्ष तक रु. 1.25 प्रति वर्ग फिट (सुपर एरिया) की दर से रखरखाव शुल्क अतिरिक्त देना होगा। जिसे बाद में परिषद/सोसाइटी को कम या अधिक करने का अधिकार होगा।

परिसर हेतु बाउन्ड्रीवाल का प्राविधान किया गया है। इस परिसर में एक मल्टीपरपज हाल/कम्यूनिटी सेन्टर बनाया जाना प्रस्तावित किया गया है जिसकी लागत उक्त मूल्य में सम्मिलित है।

राज्य / भारत सरकार द्वारा समय-समय पर प्राविधानित विभिन्न प्रकार के टैक्स यथा-वैट, सर्विस टैक्स, लेवर सेस आदि, रजिस्ट्री व्यय तथा भविष्य में उक्त टैक्सों की दरों में परिवर्तन होने की दशा में अन्तर धनराशि, आवंटी द्वारा वहन की जायेगी।

 


RESERVATION CRITERIA

क्र. सं. श्रेणी आरक्षण प्रतिशत अतिरिक्त रियायतों तथा सूचनात्मक टिप्पणी
1. अनुसूचित जाति 21 उ0प्र0 सरकार के द्वारा निर्धारित सूची के अन्तर्गत उल्लिखित जातियां ही पात्र होगी। उ0प्र0 के विद्यटन के उपरान्त केवल उ0प्र0 सरकार के जिलाधिकारी/अपर जिलाधिकारी / उपजिलाधिकारी/ तहसीलदार द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र की प्रमाणित छायाप्रति आवेदन पत्र के साथ संलग्न करनी होगी।
2. अनुसूचित जनजाति 2 तदैव
3. अन्य पिछड़ा वर्ग 27 तदैव
4. स्वतंत्रता संग्राम सेनानी

 

5 (अ) पंजीकरण आवेदन पत्र के साथ जिलाधिकारी/अधिकृत प्राविधकारी द्वारा निर्गत प्रमाण-पत्र प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करायें।
(ब) स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रितों को कोई सुविधा अनुमन्य नहीं है।

 

5. उ0प्र0 सरकारी सेवाओं तथा सुरक्षा सेवाओं के कर्मचारी जो 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुका हो। 5 पंजीकरण आवेदन- पत्र के साथ अधिकृत प्राधिकारी का प्रमाण-पत्र की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करायें।
6. उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद, विकास प्राधिकरण, जल संस्थान नगर महापालिका व स्थानीय निकायों के कर्मचारी 2 पंजीकरण आवेदन-पत्र के साथ अधिकृत अधिकारी / सक्षम अधिकारी का प्रमाण पत्र मूलरूप में उपलब्ध कराये शर्त यह है कि कर्मचारी नियमित अधिष्ठान के अन्तर्गत कार्यरत हो।
7. वर्तमान सैनिक, भूतपूर्व सैनिक व उनके आश्रित 3 पंजीकरण आवेदन के साथ नियत सैनिक अधिकारी / अधिकृत प्राधिकारी के प्रमाण- पत्र की छायाप्रति । किसी राजपत्रित अधिकारी से प्रमाणित उपलब्ध करायें।
8. समाज के विकलांग व्यक्ति 3 मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा निर्गत प्रमाण-पत्र की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करायें। इसमें विकलांगता का प्रतिशत अवश्य अंकित होना चाहिए। नेत्रहीन आवेदकों को उक्त में से शासनादेश के अनुपालन में 01 प्रतिशत का आरक्षण देय है।
9. वरिष्ठ नागरिक (आवेदन-पत्र को जमा करने की निर्धारित अन्तिम तिथि तक 60 वर्ष अथवा यथा निर्धारित उससे अधिक की आयु पूर्ण होने के आधार पर) 10
वरिष्ठ नागरिक (आवेदन-पत्र को जमा करने की निर्धारित अन्तिम तिथि तक 60 वर्ष अथवा उससे अधिक की आयु पूर्ण होने के आधार पर)
हाईस्कूल प्रमाण पत्र/सेवानिवृत्ति प्रमाण पत्र/पेंशन पेपर का प्रमाण पत्र की किसी राजपत्रित अधिकारी से प्रमाणित छायाप्रति उपलब्धप कराये। इन प्रमाण पत्रों के उपलब्ध न होने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा निर्गत आयु प्रमाण पत्र की किसी राजपत्रित अधिकारी से प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध कराये।

नोट : उपरोक्त मे से क्रमांक 1 से 3 में आवेदक जिस वर्ग में आवेदन करेंगे लाटरी में उसी श्रेणी में सम्मिलित किया जायेगा। अनारक्षित श्रेणी एवं क्रम संख्या-1, 2 एवं 3 में वर्णित उक्त आरक्षित श्रेणियो में ही शासनादेशों के अनुसार, उनके सम्बन्धित क्रम संख्या-4, लगायत 9 में वर्णित, आरक्षण हारिजेन्टर रूप से किया जायेगा। प्रत्येक दशा में आरक्षण से सम्बन्धित लागू शासनादशो का अनुवालन किया जायेगा।>

 


PAYMENT MODE (post allotment)

भुगतान का तरीका

पंजीकरण की वैद्यता बनाये रखने हेतु आवंटन पत्र निर्गत होने की तिथि से एक माह के अन्दर निर्धारित देय भुगतान करना अनिवार्य होगा।

आवंटन के पश्चात सम्पत्ति प्रबन्ध कार्यालय द्वारा निर्गत प्रदेशन पत्र में उल्लिखित नियमों/शर्तों के अनुसार सम्पत्ति के कुल मूल्य का 50 प्रतिशत एक माह में शेष धनराशि अधिकतम 06 वर्षो (72 मासिक किश्तों) में भुगतान करना होगा।

यदि आवंटन पत्र में दर्शाये गये विवरण के अनुसार निर्धारित तिथि तक वांछित भुगतान नहीं किया गया तो किश्त की देय धनराशि पर विलम्ब की अवधि के लिए जो अधिकतम 01 माह होगी, परिषद नियमानुसार साधारण ब्याज के साथ निर्धारित अतिरिक्त ब्याज देय होगा जिसका भुगतान निर्धारित किश्तों की धनराशि के साथ करना होगा। इस अवधि के बाद आवंटन एवं पंजीकरण निरस्त कर दिया जायेगा।

आवेदकों को समस्त देय धनराशि का भुगतान अपने खाते से जमा करना होगा।

नगर निगम अथवा अन्य किसी विभाग/परिषद/ उ0प्र0 शासन द्वारा लगाये गये समस्त कर/शुल्क हाउस टैक्स आवंटी द्वारा देय होगें।

 


असफल आवेदकों को पंजीकरण धनराशि की वापसी

पात्रता चयन के पश्चात असफल आवेदको को 45 दिनो क अन्दर नोडल बैंक शाखा द्वारा सीधे धनराशि आवेदक द्वारा दिये गये बैंक एकाउन्ट पेई चैक/ इलेक्ट्रोनिक ट्रांसफर के माध्यम से वापस कर दी जायेगी।

 


भूखण्डों का कब्जा

पंजीकरण पुस्तिका में सूचित मूल्य अनुमानित है, भुखण्ड आवंटन की तिथि को जो भुमिदर होगी तदनुसार भूखण्डों का आवंटन मान्य होगा। तदनुसार प्रदेशन पत्र जारी किया जा सकेगा एवं प्रदेशन पत्र मे सूचित मूल्य के अनुसार वांछित भुगतान करने के उपरान्त कब्जा की कार्यवाही की जायेगी।

किश्तो पर सम्पत्ति का कब्जा प्राप्त करने की दशा में एक माह के भीतर कुल मूल्य का 50 प्रतिशत एकमुश्त भुगतान करना होगा तथा शेष धनराशि की 11.5 प्रतिशत ब्याज सहित 06 वर्ष की किश्तों में देय होगा। प्रथम एकमुश्त व विविध देयको के भुगतान के उपरान्त अध्यावधिक किशतो भुगतान के उपरान्त निर्धारित स्टाम्प पेपर का किराया किश्त क्रय अनुबन्ध निष्पादित कराने के उपरान्त भुखण्ड का कब्जा देय होगा। समस्त धनराशि का भुगतान आवंटी द्वारा अपने खाते से किया जायेगा।

आवंटी द्वारा नकद पर भूखण्ड आवंटन होने पर मूल्य व अन्य समस्त देय समस्त देय सहित स्टाम्प डयूटी का भुगतान के पंजीयन/डीड कराने से पूर्व करना होगा। शासन द्वारा निर्धारित दरों पर देय स्टाम्प डयूटी व रजिस्ट्री शुल्क की अदायगी एवं निबन्धन के बाद भौतिक कब्जा हस्तगत किया जायेगा।

उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद द्वारा सूचित अवधि में फ्लैट का कब्जा न लेने पर आवंटी को नियमानुसार विलम्ब शुल्क देना होगा। ततपश्चात निबन्धन से विलम्बतम तीन माह तक कब्जा न लेने पर उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद को भुखण्ड का आवंटन निरस्त करने का अधिकार होगा।

 


तथ्यों का छिपाना

यदि आवेदक द्वारा दिया गया कोई विवरण असत्य पाया जाता है, तो उसके पंजीकरण / आवंटन / निबन्धन को निरस्त करने का पूर्ण अधिकार उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद में निहित होगा तथा आवंटी द्वारा जमा की गयी धनराशि जब्त कर ली जायेगी एवं नियमानुसार विधि समस्त अन्य कार्यवाही की जा सकेगी।

 


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For Property Registration/Allotment/ Refund Related Query
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(Tel : 0121-2760415)
Deputy Housing Commissioner-Ghaziabad
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For Scheme Implementation/Location/ Construction Related Query
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(Mob. 08588877001)
EE CD-10, Ghaziabad (Mob. 08588877002)
EE CD-22, Ghaziabad (Mob. 08588877007)
EE CD-36, Ghaziabad (Mob. 08588877004)
EE CD-38, Ghaziabad (Mob. 09654393330)
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उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद

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