overview

उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद


उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद का गठन परिषद अधिनियम 1965 के अन्तर्गत माह अप्रैल 1966 में विभिन्न आवास एवं विकास योजनाओं का नियोजित ढंग से कार्यान्वयन करते हुए प्रदेश तथा राष्ट्रीय स्तर की आवास नीति एवं कार्यक्रम के अनुसार आवास संबंधी कार्यों में समन्वय लाने के उद्देश्य से किया गया था।

उद्देश्य

प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में विभिन्न आवास संबंधी कार्यकलापों की योजना बनाना एवं इन योजनाओं का शीघ्र तथा प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना।

केन्द्र एवं राज्य सरकार, व्यावसायिक बैंक, वित्तीय संस्थाओं तथा अन्य सार्वजनिक निगमों तथा उपक्रमों से अनुदान अथवा ऋण लेना।

भूमि अर्जित करना तथा आवासीय योजनाओं में सड़क, विद्युत, जलापूर्ति, जल सम्भरण तथा अन्य नगरीय सुविधाओं एवं आवश्यकताओं की व्यवस्था करते हुए पंजीकृत व्यक्तियों की मांग के अनुरूप भूखण्ड अथवा भवन आदि निर्मित करके उनको आवंटित करना।

समाज के दुर्बल वर्ग तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति, सुरक्षा कर्मचारी एवं स्वतंत्रता सेनानी वर्ग के व्यक्तियों के लिए भवन उपलब्ध कराने हेतु विशेष प्रयास करना।

केन्द्र/राज्य सरकार तथा उसके उपक्रम अथवा अन्य संस्थाओं के लिए कार्यालय भवन, शापिंग काम्पलेक्स तथा आवासीय कालोनियों का निर्माण करना व तकनीकी सलाह देना।

भवन निर्माण एवं विकास कार्यों में गति लाना तथा लागत में कमी लाने के उद्देश्य से अनुसंधान कार्यों को प्रोत्साहन देना तथा काॅस्ट इफेक्टिव टेक्नालाॅजी का प्रयोग करते हुए स्थानीय सामग्रियों का उपयोग करने हेतु प्रोत्साहित करना।

प्रदेश में सहकारिता आन्दोलन को बढ़ावा देने के लिए सहकारी आवास समितियों को प्रोत्साहित करना।

आवंटियों को सम्पत्ति के लिए वांछित ऋण उपलब्ध कराना।

परिषद अपनी योजनाओं के अन्तर्गत उन सभी अनिवार्य सेवाओं तथा नागरिक सुविधाओं जैसे-विद्युत- आपूर्ति, शुद्ध पेय जल, ड्रेनेज, सीवर प्रणाली, नालियों, सड़कों, पार्कों तथा सामुदायिक केन्द्र आदि की व्यवस्था करने हेतु प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही परिषद अपनी योजनाओं में विक्रय केन्द्रों, विद्यालयों एवं विभिन्न संस्थाओं आदि के निर्माण हेतु भी व्यवस्था करती है जिससे योजनाएं स्वयं परिपूर्ण शहरी इकाईयों के रूप में विकसित हो सके।

परिषद जन-साधारण की आवश्यकताओं की पूर्ति के अतिरिक्त सहकारी समितियों एवं सार्वजनिक संस्थाओं को भी आवासीय भवन एवं विकसित भूखण्ड उपलब्ध कराती है।

परिषद की योजनाओं में सम्पत्ति के प्रदेशन के लिये पंजीकृत व्यक्तियों के मध्य सम्पत्तियों का आवंटन लाटरी द्वारा किया जायेगा।

 


important dates

Last Date For Registering Online (Step - I) : -
Last Date for Depositing Registration Amount in Bank : -
Last Date For Final Submission of Online Application (Step-II) : -

 


location plan

  • example1

 


SITE plan

  • example1

 


LAYOUT & OTHER PLANs

2 BHK

  • example1 2 BHK
    CLUSTER PLAN
  • example1 2 BHK
    UNIT PLAN
  • example1 2 BHK
    ISOMETRIC VIEW

3 BHK

  • example1 3 BHK
    CLUSTER PLAN
  • example1 3 BHK
    UNIT PLAN
  • example1 3 BHK
    ISOMETRIC VIEW

 


details of flats

उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद की कैलाश एन्क्लेव योजना लखनऊ में

उ0प्र0 आवास एवं विकास परिष्द द्वारा वृन्दावन योजना, में एर्फोडेबिल हाउसिंग के अन्तर्गत प्रस्तावित बहुमंजिली आवासीय परियोजना कैलाश एन्क्लेव (स्टिल्ट+8 तल) वर्ष-2016 (प्रथम चरण) के फ्लैट्स का विवरण:

परिषद द्वारा एर्फोडेबिल हाउसिंग के अन्तर्गत वृन्दावन योजना में ‘‘कैलाश एन्क्लेव’’ के नाम से बहुमंजिली आवासीय परियोजना के अन्तर्गत 2BHK के कुल 688 नग तथा 3BHK के 576 नग (स्टिल्ट+8) फ्लैट्स का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उक्त परियोजना के अन्तर्गत पंजीकरण हेतु प्रस्तावित फ्लैट्स विवरण, पंजीकरण मूल्य एवं विशिष्टियां निम्नवत हैं:

 

क्र. सं. फ्लैट का प्रकार फ्लैट्स की संख्या सुपर एरिया प्रति फ्लैट (वर्ग मी. में) निर्मित क्षेत्र.
(वर्ग मी. में)
प्राविधान
1.

2 BHK

518 74.84 61.27 ड्राइंग/डाइनिंग रूम, 2 बेड रूम, 2 ट्वायलेट,
2 बालकनी, 1 किचेन।
2.

3 BHK

15 86.97 69.80 ड्राइंग/डाइनिंग रूम, 3 बेड रूम, 2 ट्वायलेट,
2 बालकनी, 1 किचेन।

 

Details of Proposed Registration

 

क्र0 सं0 फ्लैट का प्रकार सुपर एरिया
(वर्ग मी. में)
फ्लैट्स की
संख्या
प्रस्तावित अनुविक्रय मूल्य(लाख में) प्रस्तावित पंजी. धनराशि (लाख में) चयन के पश्चात् आवंटन पत्र निर्गत करने के 30 दिन के अन्दर देय धनराशि (लाख में) अवशेष भुगतान 9 तिमाही किश्तों में प्रत्येक किश्त की प्रस्तावित धनराशि (लाख में)
1. 2 BHK फ्लैट्स 74.84 518 33.40 1.70 6.05 2.85
2. 3 BHK फ्लैट्स 86.97 15 38.80 1.95 7.60 3.25

नोट : पंजीकरण धनराशि हेतु बैंक ड्राफ्ट/बैंकर्स चेक ‘‘उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद’’ के नाम जो लखनऊ शहर में देय हो के पक्ष में होना चाहिए।

 

 


key features

  • FLATS
  • TOWNSHIP

फ्लैट्स की विशिष्टयां


विशिष्टियों का
विवरण
समाजवादी आवासीय योजना -2016
स्ट्रक्चर : भूकम्परोधी मोनोलिथिक आर.सी.सी. शियरवाल पर फ्लैट्स का निर्माण।
फर्श : बेडरूम/ड्राइंग/डाइनिंग में विट्रीफाइड टाइल, कामन क्षेत्र मे एण्टी स्क्रैच हेवी डयूटी टाइल्स।
किचन : कुकिंग प्लेट फार्म पर ग्रेनाइट स्टोन, प्लेटफार्म के ऊपर दो फीट ऊँचाई तक सेरेमिक टाइल, स्टेनलेस स्टील का सिंक।
ट्वायलेट : फर्श की ऐन्टी स्किड एवं दीवालों पर सेरेमिक टाइल्स, एक ट्वायलेट में इण्डियन व अन्य में यूरोपियन सीट, सिस्टर्न व एक-एक वाशबेसिन, क्रोम प्लेटेड सेनेटरी फिटिंग्स।
दरवाजे : मुख्य दरवाजा टीक फिनिश फ्लश डोर शटर व अन्य दरवाजे कामर्शियल फ्लश डोर शटर्स।
चैखट : मुख्य व आउटर डोर एंगल आयरन डबल पताम व अन्य एंगिल आयरन चैखट तथा सभी खिड़कियां डबल पताम चैखट।
खिड़कियाँ : प्रीलैमिनेटेड वुडेन ग्लास एवं मच्छर जाली शटर्स सहित सभी खिड़कियां एम.एस. ग्रिल युक्त।
रंग रोगन : आन्तरिक दीवालों व छत, POP सहित आॅयल बाउण्ड डिस्टैम्पर तथा बाहरी सतह पर वेदर प्रूफ इमल्शन फिनिशिंग,मुख्य दरवाजा स्प्रिट पालिश, आन्तरिक सभी दरवाजे चैखट व खिड़कियां इनेमल पेंट सहित।
जलापूर्ति : सभी फ्लैट हेतु छत पर आर.सी.सी. का संयुक्त टैंक सी.पी.वी.सी. पाइप द्वारा जलापूर्ति।
डोर शटर : फ्लश डोर शटर
विद्युत : अग्निरोधक पी.वी.सी. कापर कन्सील्ड वायरिंग एवं पावर व ए.सी. प्वाइन्ट का प्राविधान,कामन एरिया हेतु जनरेटर द्वारा पावर बैक अप का प्राविधान।
स्टेयर केस : कोटा स्टोन, एम.एस. पाइप रेलिंग।
लिफ्ट : प्रत्येक ब्लाक में एक नग पैसेन्जर लिफ्ट एवं एक नग फ्रेट लिफ्ट का प्राविधान।
डोर/विन्डो फिटिंग : स्टेनलेस स्टील फिटिंग्स।
अन्य :

इण्टर काम का प्राविधान।

प्रवेश द्वार पर नाइट लैच एवं मैजिक आई का प्राविधान।

प्रवेश द्वार में मोर्टिस लाक का प्राविधान।

केबिल/डिश टी.वी. नेटवर्क हेतु वायरिंग का प्राविधान।

 

टाउनशिप की विशेष आर्कषण

भूकम्परोधी शिवरवाल तकनीक आधारित केवल आठ मंजिले टावर।

वास्तविक निर्माण कार्य प्रगति पर।

केन्द्रीयकृत डिश एन्टिना हेतु वायरिंग का प्राविधान।सामान्य सेवाओं हेतु 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था।

आकर्षक लैण्डस्केप सहित हरित क्षेत्र।

02 लिफ्ट प्रति टावर।

कम्यूनिटी सेन्टर ।

कैम्पस में शॉपिंग सुविधा।

शहर के प्रमुख स्थलों से दूरी :

पी.जी.आई. - 02 कि.मी.

पी.जी.आई. ट्रामा सेन्टर - 01 कि.मी.

एयर पोर्ट - 07 कि.मी.

चारबाग रेलवे स्टेशन - 07 कि.मी.

शहीद पथ - 0.50 कि.मी.

उतरेठिया रेलवे स्टेशन - 0.50 कि.मी.

 


eligibility & rules

पंजीकरण हेतु पात्रता

आवेदक भारत का नागरिक हो।

आवेदक की आयु, आवेदन पत्र जमा करने की अन्तिम तिथि को 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।

स्व वित्त पोषित फ्लैट हेतु आय सीमा/सम्पत्ति सीमा का कोई प्रतिबन्ध नहीं है।

 

पंजीकरण के नियम

आवेदन पत्र भरने से पूर्व इस पुस्तिका में दिये गये आवेदन पत्र भरने के लिये निर्देशो का अध्ययन अवश्य कर लें, ताकि आवेदन-पत्र में किसी प्रकार की त्रुटि न होने पायें।

पंजीकरण हेतु निर्धारित बैंक से पंजीकरण पुस्तिका क्रय करके आवेदन पत्र सही व पूर्ण रूप से भरकर निर्धारित तिथि तक चिन्हित बैंक की किसी निर्धारित शाखा में अन्तिम तिथि से पूर्व वांछित संलग्नको व पंजीकरण धनराशि सहित जमा करना होगा।

पंजीकरण एक से अधिक या संयुक्त नाम से नहीं किया जा सकता है। केवल पति-पत्नी के लिए संयुक्त पंजीकरण अनुमन्य है। विशेष परिस्थितियों में पंजीकरण का हस्तान्तरण पति-पत्नी के मध्य नियमानुसार किया जा सकेगा। पंजीकरण व्यक्ति के साथ किसी अन्य व्यक्ति के नाम जोडने अथवा पंजीकरण के अन्तरण की प्रार्थना पर विचार नहीं किया जायेगा।

यदि कोई आवेदक पंजीकरण पात्रता चयन हेतु लाटरी ड्रा की तिथि से पहले पंजीकरण जमा धनराशि वापस लेना चाहता है तो उसके द्वारा निर्धारित रिफण्ड बाउचर पर आवेदन सम्पत्ति प्रबन्ध कार्यालय वृन्दावन योजना, लखनऊ में आवेदन करने पर नियमानुसार पंजीकरण आवेदन निरस्त करते हुए जमा पंजीकरण धनराशि वापस की जायेगी। ऐसे निरस्त पंजीकरण को बाद में पुनर्जीवित नहीं किया जा सकेगा।

यदि कोई आवेदक पात्र चयनित हो जाता है तो मांग पत्र निर्गमन तिथि से तीन माह के अन्दर अपनी पंजीकरण धनराशि वापस प्राप्त करने हेतु आवेदन करता है तो पंजीकरण धनराशि का 20 प्रतिशत कटौती करते हुए अवशेष धनराशि बिना ब्याज उसे वापस कर दी जायेगी। किन्तु तीन माह पश्चात् ऐसा आवेदन करने पर 50 प्रतिशत की कटौती करते हुए अवशेष पंजीकरण धनरािश बिना ब्याज के वापस की जायेगी एवं पंजीकरण निरस्त कर दिया जायेगा। पंजीकरण धनराशि प्राप्ति हेतु निर्धारित रिफण्ड बाउचर एवं प्राप्ति रसीद आवेदन पत्र के साथ सम्पत्ति प्रबन्ध कार्यालय वृन्दावन योजना, लखनऊ में जमा करनी होगी। इस प्रकार निरस्त कराये गये पंजीकरण को बाद में पुनर्जीवित करने के लिये किसी प्रकार का दावा मान्य / स्वीकार नहीं होगा।

फ्लैटस निर्माण में विलम्ब के कारण यदि किसी आवंटी को अन्तिम निर्धारित किश्त जमा करने के 6 माह बाद तक भी परिषद फ्लैट्स आवंटित नहीं कर पाता है तो आवंटी की जमा धनराशि अन्तिम किश्त जमा करने के आगामी माह से, धनराशि वापसी की मांग के पूर्व माह तक, परिषद के नियमानुसार तत्समय राष्ट्रीयकृत बैंक द्वारा बचत खाते पर देय ब्याज अथवा परिषद द्वारा निर्धारित ब्याज सहित वापस कर दी जायेगी।

यदि किन्ही कारणो से परिषद द्वारा यह योजना संचालित न करने का निर्णय लिया जाता है तो पंजीकृत आवेदकों/आवंटियो की जमा धनराशि नियमानुसार वापस कर दी जायेगी। किन्तु इस स्थिति में धनराशि के एक वर्ष से अधिक अवधि तक परिषद खाते में जमा रहने की स्थिति में ही तत्समय राष्ट्रीयकृत बैंक द्वारा बचत खाते पर देय ब्याज दिया जायेगा।

इस योजना के अन्र्तगत प्रत्येक आवेदक को परिषद फ्लैटस देने के लिए बाध्य नहीं होगी और यदि किसी आवेदक को फ्लैट्स आवंटित नहीं हो पाते हैं तो आवेदक इसके लिए परिषद से किसी प्रकार का हर्जाना प्राप्त करने का हकदार नहीं होगा।

 


ALLOtment RULES

आवंटन नियम

परिषद/शासनादेशो के अनुसार पंजीकरण पात्रता ड्रा में आरक्षण की सुविधा आवेदकों के प्राप्त आवेदन पत्रों के मध्य नियमानुसार दी जायेगी।

प्राप्त आवेदनों की संख्या उपलब्ध फ्लैट की संख्या से अधिक होने पर लाटरी के आधार पर पात्र आवेदको का चयन किया जायेगा। उक्त चयन में असफल आवेदकों को उनकी जमा धनराशि बिना ब्याज के परिषद के नियमानुसार बैंक द्वारा वापस कर दी जायेगी।

योजना में आवंटन हेतु उपलब्ध फ्लैट की संख्या से अधिक आवेदन पत्र प्राप्त होने की स्थिति में समस्त आवेदकों के नाम की पर्चियों को श्रेणीवार एक साथ डालकर लाटरी द्वारा फ्लैट की उपलब्धता की सीमा तक पात्रता निर्धारित की जायेगी। आवेदको की संख्या उपलब्ध फ्लैटस की संख्या से कम होने की दशा में समस्त आवेदक चयनित पात्र माने जायेगें।

समस्त चयनित आवेदक/पात्र समान होगें। उपर्युक्त प्रक्रिया के अनुसार आवेदकों का चयन हो जाने के उपरान्त लाटरी पद्धति से नीचे से ऊपर उध्र्व रूप से ही फ्लैट की संख्या का आवंटन किया जायेगा। चयनित हो चुके आवेदकों की सहमति से ग्रुपिंग में एक साथ रहने के आधार फ्लैट्स की उपलब्धता की स्थिति में प्रार्थना पत्र देने पर ग्रुप बनाये जाने की सुविधा यथा सम्भव दी जायेगी। चार आवेदकों की सीमा तक ही ग्रुपिंग मान्य होगी।

ग्रुपिंग की स्थिति में ग्रुप की एक पर्ची डाली जायेगी तथा उसके आने पर यथा सम्भव पूर्ण ग्रुप को एक ही तल पर साथ-साथ समायोजित किया जायेगा। लाटरी में ग्रुपिंग न मिलने पर कोई क्लेम मान्य नहीं होगा।

सामान्यतः पंजीकरण एवं पात्रता चयन/आवंटित फ्लैट्स का परिवर्तन नहीं किया जायेगा। विशेष कारणों/परिस्थितियों एवं आवंटी की प्रार्थना पर पंजीकरण एवं आवंटित फ्लैट का परिवर्तन नियमानुसार रिक्त के विरूद्ध परिषद द्वारा निर्धारित परिवर्तन शुल्क देने की शर्त के अधीन आवास आयुक्त द्वारा किया जा सकता है। यह परिवर्तन फ्लैट का विक्रय विलेख-निष्पादन एवं पंजीकरण से पूर्व ही अनुमन्य होगा।

पात्रता चयन के पूर्व समस्त आवेदकों की सूची परिषद वेबसाइट पर प्रदर्शित की जायेगी जिसमें निर्धारित तिथि के पूर्व यदि कोई त्रुटि/कमी परिलक्षित होती है तो उसका निराकरण सम्पत्ति प्रबन्ध कार्यालय, वृन्दावन से सम्पर्क करके किया जा सकेगा। अन्यथा की स्थिति में पात्रता चयन के समय एवं उसके पश्चात कोई दावा मान्य नहीं होगा तथा आवेदक स्वयं उत्तरदायी होगा।

 


Other terms/Criteria

अन्य महत्वपूर्ण शर्ते/सूचना

योजना आवासीय है। अतः फ्लैट का प्रयोग केवल आवास हेतु किया जायेगा। आवंटी को फ्लैट में किसी प्रकार का निर्माण या परिवर्धन अनुमन्य नहीं है। उल्लंघन किये जाने पर विधिक कार्यवाही की जा सकेगी एवं आवंटन विक्रय-विलेख निष्पादन एवं उसका पंजीकरण निरस्त किया जा सकेगा। उपरोक्त के अतिरिक्त शासन / परिषद के नियम, आदेश व निर्णय आवंटी पर प्रभावी होगें।

सर्वोच्च मंजिल की छत पर किसी आवंटी विशेष का अधिकार नहीं होगा तथा यह उसी टावर के समस्त रेजीडेन्टस की सामुदायिक सेवाओ हेतु उपलब्ध रहेगा।

यदि आवंटी/आवेदक की मृत्यु हो जाती है तो उसका पंजीकरण/आवंटित फ्लैट उसके उत्तराधिकारी द्वारा पंजीकरण /फ्लैट परिवर्तन करने हेतु परिषद के नियमानुसार आवश्यक अभिलेख यथा उत्तराधिकार प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, इन्डेमिनिटी बाॅण्ड आदि उपलब्ध कराने पर विवाद न होने की दशा में परिवर्तन अनुमन्य होगा।

आवंटन तक इस योजना की किसी शर्त में संशोधन का अन्तिम अधिकार आवास आयुक्त में निहित होगा तथा ऐसे संशोधन प्रभावी होगें।

पुस्तिका में असमावेशित रह गयी शर्तो के विषय में सम्बन्धित शासनादेशो व परिषद के प्राविधान प्रभावी होगें।

किसी सक्षम न्यायालय के आदेशानुसार अथवा अन्य किन्ही अपरिहार्य कारणो से यदि परिषद द्वारा सूचित किये गये आवंटित फ्लैट्स के मूल्य में परिवर्तन करना पडा तो उसका भुगतान आवंटी को करना होगा।

किसी भी प्रकार के वाद का परिक्षेत्र लखनऊ होगा।

फ्लैट्स का अन्तिम मूल्य परियोजना को पूर्ण होने पर वास्तविक मूल्यांकन करके ही अन्तिम विक्रय मूल्य निर्धारित किया जायेगा। फ्लैट्स के सूचित अनुमानित मूल्य में बाजार दर में वृद्धि सम्भावित है। 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि होने पर आवेदक यदि चाहे तो अपनी पूरी धनराशि बिना किसी कटौती के बिना ब्याज के प्राप्त कर सकता है।

 

प्राविधान / शर्ते

उक्त उल्लिखित मूल्य अनुमानित है। उक्त निर्माण 27 माह में पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना के पूर्ण होने पर वास्तविक मूल्यांकन करके ही अंतिम मूल्य देय होगा। अतः नियत किश्तों की धनराशि घट-बढ़ सकती है। सम्पत्ति के वर्तमान में निर्धारित अनुमानित मूल्य में अपरिहार्य कारणों जैसे - भवन निर्माण सामग्री की बाजार दरों में वृद्धि या श्रमिक मजदूरी में वृद्धि होने पर पूर्व निर्धारित मूल्य में बढ़ोत्तरी सम्भव है।

भवनों की टाइप डिजाइन व ले आउट में आवश्यकतानुसार आंशिक परिवर्तन किया जा सकता है।

प्रथम तल, द्वितीय तल एवं तृतीय तल के आवंटियों से लोकेशन चार्जेज के रूप में विक्रय मूल्य का क्रमशः 3, 2 व 1 प्रतिशत अतिरिक्त मूल्य लिया जाना प्रस्तावित है।

कैलाश एन्क्लेव परियोजना में प्रस्तावित कुल 1264 नग फ्लैट्स हेतु 548 कवर्ड कारपार्किंग तथा 424 नग ओपेन कार पार्किंग का प्राविधान किया गया है। पार्किंग के इच्छुक आवंटी को फ्लैट के उक्त अनुमानित/आगणित मूल्य के अतिरिक्त कवर्ड कार पार्किंग हेतु रु. 1.75 लाख तथा ओपेन कार पार्किंग की लागत रु. 0.75 लाख देनी होगी। यह धनराशि प्रत्येक दशा में विक्रय विलेख निष्पादन एवं पंजीयन के पूर्व आवंटी को भुगतान करनी होगी।

प्रत्येक आवंटी को योजना के कुल सुपर एरिया में आवंटित सुपर एरिया के अनुपात में ही योजना की भूमि में फ्री-होल्ड चार्ज आवंटन तिथि को प्रचलित दर पर देना होगा।

परिसर का रखरखाव प्रथम कब्जे की तिथि से 02 वर्ष तक किया जाना प्रस्तावित है उसके उपरांत ‘‘रेजीडेन्ट वेलफेयर सोसायटी’’ द्वारा किया जायेगा। प्रत्येक आवंटी को वेलफेयर सोसायटी का सदस्य बनना अनिवार्य होगा।

फ्लैट्स का भौतिक कब्जा आवंटी को प्रदान करने की तिथि से दो वर्ष तक अनुरक्षण व्यय हेतु आवंटी को ‘‘कार्पस फण्ड’’ में निर्धारित धनराशि पंजीयन (रजिस्ट्री) के पूर्व जमा करनी होगी। यह धनराशि 2 BHK हेतु रु. 1.00 लाख देय होगी एवं 3 BHK हेतु रु 1.25 लाख देय होगी। योजना में सर्वप्रथम व्यक्ति को दिये गये कब्जा की तिथि से दो वर्ष के बाद सामान्य सेवाओं के मेन्टीनेन्स का कार्य आवंटियों की रेजीडेन्ट वेलफेयर सोसायटी को उपरोक्त कार्पस फण्ड की अवशेष बची धनराशि हस्तगत कर दी जायेगी। तत्पश्चात सोसायटी द्वारा उक्त योजना की सामान्य सुविधाओं को बनाये रखने हेतु आने वाला व्यय आवंटियों की समिति को अपने श्रोतों से करना होगा। निर्धारित रखरखाव व्यय प्रथम भौतिक कब्जा प्राप्त करने की तिथि से प्रति माह आवंटी को देना होगा।

सामान्य सेवाओं जैसे लिफ्ट आपरेशन, जनरेटर, कैम्पस लाइट, सेक्योरिटी गार्ड, टयूबवेल आपरेशन, कम्युनिटी सेन्टर की देखरेख, सफाई, विद्युत बिल आदि के रखरखाव हेतु प्रत्येक फ्लैट आवंटी को कब्जा प्राप्त तिथि से दो वर्ष तक रु. 1.00 प्रति वर्ग फिट (सुपर एरिया) की दर से रखरखाव शुल्क अतिरिक्त देना होगा। जिसे बाद में परिषद/सोसाइटी को कम या अधिक करने का अधिकार होगा।

परिसर हेतु बाउन्ड्रीवाल का प्राविधान किया गया है। इस परिसर में एक मल्टीपरपज हाल/कम्यूनिटी सेन्टर बनाया जाना प्रस्तावित किया गया है जिसकी लागत उक्त मूल्य में सम्मिलित है।

फ्लैट के विक्रय मूल्य में प्रीपेड मीटर की लागत सम्मिलित है।

 


RESERVATION CRITERIA

क्र. सं. श्रेणी आरक्षण प्रतिशत अतिरिक्त रियायतों तथा सूचनात्मक टिप्पणी
1. अनुसूचित जाति 21 पंजीकरण आवेदन पत्र के साथ जिलाधिकारी / अपर जिलाधिकारी / उपजिलाधिकारी / तहसीलदार द्वारा निर्गत प्रमाण- पत्र की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करानी होगी।
2. अनुसूचित जनजाति 2 तदैव
3. अन्य पिछड़ा वर्ग 27 तदैव
4. मा0 विधायक / सांसद

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी

5 (अ) पंजीकरण आवेदन-पत्र के साथ जिलाधिकारी / अधिकृत प्राधिकारी द्वारा निर्गत प्रमाण-पत्र की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करायें।

(ब) समुचित प्रमाण-पत्र

5. सरकारी सेवाओं तथा सुरक्षा सेवाओ के कर्मचारी जो 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुका हो। 5 पंजीकरण आवेदन- पत्र के साथ अधिकृत प्राधिकारी का प्रमाण-पत्र की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करायें।
6. उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद, विकास प्राधिकरण, जल संस्थान नगर महापालिका व स्थानीय निकायों के कर्मचारी 2 पंजीकरण आवेदन-पत्र के साथ अधिकृत / सक्षम अधिकारी का प्रमाण पत्र मूलरूप से उपलब्ध करायें। शर्त यह है कि कर्मचारी नियमित अधिष्ठान के अन्तर्गत कार्यरत हो।
7. वर्तमान सैनिक, भूतपूर्व सैनिक व उनके आश्रित 3
पंजीकरण आवेदन के साथ नियत सैनिक अधिकारी / अधिकृत प्राधिकारी के प्रमाण- पत्र की छायाप्रति । किसी राजपत्रित अधिकारी से प्रमाणित उपलब्ध करायें।
8. समाज के विकलांग व्यक्ति 3 मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा निर्गत प्रमाण-पत्र की प्रमाणित छाया-प्रति उपलब्ध करायें।
9. वरिष्ठ नागरिक (आवेदन-पत्र को जमा करने की निर्धारित अन्तिम तिथि तक 60 वर्ष अथवा यथा निर्धारित उससे अधिक की आयु पूर्ण होने के आधार पर) 10 हाईस्कूल प्रमाण पत्र / सेवानिवृत्त प्रमाण पत्र / पेंशन पेपर का प्रमाण पत्र की किसी राजपत्रित अधिकारी से प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध कराये। इन प्रमाण पत्रों के उपलब्ध न होने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा निर्गत आयु प्रमाण पत्र की किसी राजपत्रित अधिकारी से प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध कराये।
10. विदेशी मुद्रा से सम्पत्ति क्रय करने के इच्छुक भारतीय नागरिक नकद के अनुसार पंजीकरण जमा की धनराशि तथा मांग पर शेष मूल्य विदेशी मुद्र (यू.एस. डालर, पौण्ड, स्टलिंग, जर्मन मार्क, जापानी येन, स्विस, फ्रेंक, दीनार) से भारतीय मुद्रा में परिवर्तित कराकर देनी होगी। आवंटन केवल नकद क्रय आधार पर होगा। पंजीकरण आवेदन-पत्र के पंजीकरण जमा धनराशि के विदेशी मुद्रा में परिवर्तित होने का सम्बन्धित बैंक का प्रमाण पत्र संलग्न करना है।

नोट : उपरोक्त मे से क्रमांक 1 से 3 में आवेदक जिस वर्ग में आवेदन करेगें लाट्री में उसी श्रेणी में सम्मिलित किया जायेगा। क्रमांक 04 से 10 तक के आरक्षण शासनादेश/परिषदादेशो के प्राविधानानुसार श्रेणी 01 से 03 तक व अनारक्षित श्रेणी के मध्य से ही हारिजेन्टल रूप से किया जायेगा।


हॉरिजेन्टल आरक्षण लागू होने की दशा में एक ही विकल्प मान्य होगा।

1. कोड न भरने की स्थिति में आवेदक को अनारक्षित श्रेणी में सम्मिलित किया जायेगा। यह उल्लेखनीय है कि यदि आवेदक किसी आरक्षण को कोड भरने के आधार पर चयनित हो जाता है तो आरक्षण श्रेणी की पुष्टि प्रमाण पत्रों से की जानी अनिवार्य होगी। त्रुटिपूर्ण प्रमाण होने की स्थिति में अथवा प्रमाण-पत्र सत्यापित न होने की स्थिति में आवेदन-पत्र निरस्त किया जायेगा तथा आवेदक के विरूद्ध अन्य विधिक कार्यवाही की जा सकेगी।

2. उ0प्र0 के अतिरिक्त अन्य राज्य के आरक्षित वर्ग के व्यक्ति आरक्षण हेतु पात्र नहीं माने जाएंगे।


भूविस्थापितों के लिये प्राविधान

भूविस्थापितों को शासनादेशों / परिषदादेशों के अनुरूप वरीयता देय होगी। भू-विस्थापितों का तात्पर्य ऐसे आवेदकों से है जिसकी भूमि/भवन को परिषद द्वारा उस योजना हेतु अधिगृहित किया गया हो। इस हेतु सक्षम अधिकारी (भूमि अध्याप्ति अधिकारी) का प्रमाणपत्र अनिवार्य रूप से संलग्न करना होगा।

 


PAYMENT MODE (post allotment)

भुगतान का तरीका

भुगतान की तिथि एवं किश्तो की धनराशि जमा करने के सम्बन्ध में विवरण, पात्रता चयन आवंटन होने पर मांग पत्र के माध्यम से सूचित किया जायेगा। मांग पत्र निर्गमन तिथि से प्रथम किश्त की धनराशि 30 दिन के अन्दर बैंक कार्य दिवस में निर्धारित बैंक शाखा में जमा करना होगा तथा शेष धनराशि 09 त्रैमासिक किश्तो में देय होगी। समस्त भुगतान बैंक ड्राफ्ट / बैकर्स चैक के माध्यम से स्वीकार होगा।

यदि मांग पत्र में दर्शाये गये विवरण के अनुसार निर्धारित तिथि तक वांछित भुगतान नहीं किया गया तो किश्त की देय धनराशि पर विलम्ब अवधि के लिए, जो अधिकतम 03 माह होगी, परिषद, नियमानुसार साधारण ब्याज के साथ निर्धारित अतिरिक्त ब्याज देय होगा, जिसका भुगतान निर्धारित किश्तों की धनराशि के साथ करना होगा अन्यथा आवंटन एवं पंजीयन निरस्त कर दिया जायेगा।

यदि 5.2 के अनुसार धनराशि का भुगतान नहीं किया जाता है तो उसका पंजीकरण स्वतः निरस्त समझा जायेगा और जमा की गयी धनरािश की वापसी परिषद के नियमो के अनुसार पंजीकरण धनरािश में से निर्धारित कटौती करते हुए बिना ब्याज के की जायेगी।

नगर निगम अथवा अन्य किसी विभाग / निकाय द्वारा लगाये गये समस्त कर / शुल्क, गृहकर, जलकर, आदि का भुगतान नियमानुसार आवंटी को करना होगा। सेवाकर के मद में 4.50 प्रतिशत फ्लैट्स के कुल मूल्य का देय होगा जो समय-समय पर संशोधित हो सकता है।

पंजीकरण के उपरान्त मांग पत्र के अनुसार देय किश्तो की धनराशि का भुगतान अधिकृत बैंक में ही बैंक ड्राफ्ट अथवा बैकर्स चैक द्वारा किया जायेगा। बैंक ड्राफ्ट/बैकर्स चैक उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद जो लखनऊ शहर में देय हो, के पक्ष में होना चाहिए। मांग-पत्र में अधिकृत बैंक शाखा को पंजीकरण संख्या / चालान संख्या आवेदक का नाम, योजना का नाम, फ्लैट संख्या एवं श्रेणी आदि विवरण सहित निर्धारित बैंक चालान पर जमा करना होगा।

चयनित आवेदक को मांग पत्र निर्गत होने की तिथि से 60 दिन के अन्दर फ्लैट के सम्पूर्ण देय मूल्य का पूर्ण भुगतान करने पर फ्लैट के विक्रय मूल्य के 2 प्रतिशत की छूट अनुमन्य होगी।

 

असफल आवेदकों को पंजीकरण धनराशि की वापसी

पात्रता चयन के पश्चात् असफल आवेदकों को दो माह के अन्दर बैंक द्वारा सीधे आवेदक के खाते से वापस कर दी जायेगी।

 


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उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद

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