Online Registration Period has been extended upto 15.12.2016

 

overview

उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद


उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद का गठन परिषद अधिनियम 1965 के अन्तर्गत माह अप्रैल 1966 में विभिन्न आवास एवं विकास योजनाओं का नियोजित ढंग से कार्यान्वयन करते हुए प्रदेश तथा राष्ट्रीय स्तर की आवास नीति एवं कार्यक्रम के अनुसार आवास संबंधी कार्यों में समन्वय लाने के उद्देश्य से किया गया था।

उद्देश्य

प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में विभिन्न आवास संबंधी कार्यकलापों की योजना बनाना एवं इन योजनाओं का शीघ्र तथा प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना।

केन्द्र एवं राज्य सरकार, व्यावसायिक बैंक, वित्तीय संस्थाओं तथा अन्य सार्वजनिक निगमों तथा उपक्रमों से अनुदान अथवा ऋण लेना।

भूमि अर्जित करना तथा आवासीय योजनाओं में सड़क, विद्युत, जलापूर्ति, जल सम्भरण तथा अन्य नगरीय सुविधाओं एवं आवश्यकताओं की व्यवस्था करते हुए पंजीकृत व्यक्तियों की मांग के अनुरूप भूखण्ड अथवा भवन आदि निर्मित करके उनको आवंटित करना।

समाज के दुर्बल वर्ग तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति, सुरक्षा कर्मचारी एवं स्वतंत्रता सेनानी वर्ग के व्यक्तियों के लिए भवन उपलब्ध कराने हेतु विशेष प्रयास करना।

केन्द्र/राज्य सरकार तथा उसके उपक्रम अथवा अन्य संस्थाओं के लिए कार्यालय भवन, शापिंग काम्पलेक्स तथा आवासीय कालोनियों का निर्माण करना व तकनीकी सलाह देना।

भवन निर्माण एवं विकास कार्यों में गति लाना तथा लागत में कमी लाने के उद्देश्य से अनुसंधान कार्यों को प्रोत्साहन देना तथा काॅस्ट इफेक्टिव टेक्नालाॅजी का प्रयोग करते हुए स्थानीय सामग्रियों का उपयोग करने हेतु प्रोत्साहित करना।

प्रदेश में सहकारिता आन्दोलन को बढ़ावा देने के लिए सहकारी आवास समितियों को प्रोत्साहित करना।

आवंटियों को सम्पत्ति के लिए वांछित ऋण उपलब्ध कराना।

परिषद अपनी योजनाआंे के अन्तर्गत उन सभी अनिवार्य सेवाआंे तथा नागरिक सुविधाओं जैसे-विद्युत- आपूर्ति, शुद्ध पेय जल, डेªनेज, सीवर प्रणाली, नालियों, सड़कों, पार्कों तथा सामुदायिक केन्द्र आदि की व्यवस्था करने हेतु प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही परिषद अपनी योजनाओं में विक्रय केन्द्रों, विद्यालयों एवं विभिन्न संस्थाओं आदि के निर्माण हेतु भी व्यवस्था करती है जिससे योजनाएं स्वयं परिपूर्ण शहरी इकाईयों के रूप में विकसित हो सके।

परिषद जन-साधारण की आवश्यकताओं की पूर्ति के अतिरिक्त सहकारी समितियों एवं सार्वजनिक संस्थाओं को भी आवासीय भवन एवं विकसित भूखण्ड उपलब्ध कराती है।

परिषद की योजनाओं में सम्पत्ति के प्रदेशन के लिये पंजीकृत व्यक्तियों के मध्य सम्पत्तियों का आवंटन लाटरी द्वारा किया जायेगा।

 


important dates

Last Date For Registering Online (Step - I) / Depositing Registration Amount in Bank : 15.12.2016
Last Date for Depositing Registration Amount in Bank : 15.12.2016
Last Date For Final Submission of Online Application (Step-II) : 16.12.2016

 


location plan

  • example1

 


SITE plan

  • example1

 


LAYOUT & OTHER PLANs

3 BHK

  • example1 3 BHK
    CLUSTER PLAN
  • example1 3 BHK
    UNIT PLAN
  • example1 3 BHK
    ISOMETRIC VIEW

 


details of flats

उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद की कैलाश एन्क्लेव योजना लखनऊ में

उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद द्वारा अवध विहार योजना, लखनऊ में ‘‘समाजवादी आवास योजना-2016’’ में मान्यता प्राप्त पत्रकारों / मीडिया फोटोग्राफर हेतु ‘‘कैलाश एन्क्लेव’’ के नाम से बहुमंजिली आवासीय परियोजना में 3BHK के कुल 100 फ्लैट्स का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है। फ्लैटों की संख्या में कमी / वृद्धि हो सकती है।

उक्त परियोजना के अन्तर्गत प्रस्तावित फ्लैट्स का विवरण निम्नवत है:

 

क्र. सं. फ्लैट का प्रकार फ्लैट्स की संख्या सुपर एरिया प्रति फ्लैट (वर्ग मी. में) कार्पेट क्षेत्र.
(वर्ग मी. में)
प्राविधान
1.

3 BHK (Type-A)

100 86.97 69.80 ड्राइंग/डाइनिंग रूम, 3 बेड रूम, 2 ट्वायलेट,
2 बालकनी, 1 किचेन।

नोट : पंजीकरण धनराशि हेतु बैंक ड्राफ्ट/बैंकर्स चेक ‘‘उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद’’ के नाम जो लखनऊ शहर में देय हो के पक्ष में होना चाहिए।

 

Details of Proposed Registration

 

क्र0 सं0 श्रेणी मूल्य (लाख में) पंजीकरण धनराशि (5 प्रतिशत) चयन के पश्चात मांगपत्र निर्गत करने के 30 दिन, के अन्दर देय धनराशि अवशेष धनराशि बिना ब्याज 9 तिमाही किश्तों में
1. 3 BHK 38.80 1,95,000 7,60,000 3,25,000 प्रति किश्त

 

भुगतान का विकल्प

अनुमानित मूल्य का एक मुश्त भुगतान, पत्र निर्गत तिथि से 60 दिन के अन्दर करने पर 02 प्रतिशत की छूट प्रदान की जायेगी।

 


key features

  • FLATS
  • TOWNSHIP

फ्लैट्स की विशिष्टयां


विशिष्टियों का
विवरण
समाजवादी आवासीय योजना -2016
फ्लैट्स के निर्माण की पद्धति : फ्रेम स्ट्रक्चर/शियरवाल पद्धति
फर्श    
कमरे : सेरेमिक टाइल
किचन : फर्श में ऐन्टी स्क्डि सेरेमिक टाइल, कुकिंग प्लेटफार्म पर ग्रीन मार्बल, दीवारों पर कुकिंग प्लेटफार्म से 0.60 मी. ऊंचाई तक सेरेमिक टाइल।
ट्वायलेट/बाथरूम : फर्श में ऐन्टी स्क्डि सेरेमिक एवं दीवारों पर 1.50 मी. ऊँचाई तक सेरेमिक
टाइल्स।
डब्लू.सी. : फर्श में ऐन्टी स्क्डि सेरेमिक एवं दीवारों पर 0.60 मी. ऊँचाई तक सेरेमिक
टाइल्स।
कामन एरिया : सेरेमिक टाईल
स्टेयर केस : कोटा स्टोन फ्लोरिंग
डोर फ्रेम : बाहरी दरवाजे-एम.एस. एंगल आयरन (डबल पताम) व शेष एम.एस. एंगल आयरन (सिंगल पताम)।
विन्डो फ्रेम व विन्डो शटर : एनोडाइज्ड एल्यूमिनियम विन्डो फ्रेम एवं शटर विद प्लेन ग्लास।
डोर शटर : फ्लश डोर शटर
डोर एवं विन्डो फिटिंग्स : आई.एस.आई. मार्क एल्यूमिनियम फिटिंग्स।
आन्तरिक जलापूर्ति : यू.पी.वी.सी. पाइप, सी.पी. फिटिंग्स, किचन में स्टेनलेस स्टील सिंक
आन्तरिक सेनेटरी कार्य : प्रथम टवायलेट में उड़ीसा पैन (लो लेवल पी.वी.सी. सिस्टर्न के साथ),
द्वितीय ट्वायलेट की दशा में यूरोपियन शीट (लो लेवल पी.वी.सी. सिस्टर्नके साथ)।
विद्युत कार्य : आई.एस.आई. मार्क अग्निरोधक काॅपर वायरिंग पियानो टाइप स्विच एवं फ्लश टाइप साकेट के साथ।
फिनिशिंग : बाहरी सतह पर वेदर कोट फिनिश, आन्तरिक सतह पर आॅयल बाउण्ड
डिस्टेम्पर, दरवाजों पर एनामिल पेन्ट।

 

टाउनशिप की विशेष आर्कषण

आकर्षक लैण्ड स्केप, पार्क एवं हरित क्षेत्र वृहद आवासीय परिसर।

भूकम्परोधी निर्माण।

विश्व प्रसिद्ध पी.जी.आई. के सम्मुख, मात्र 4.50 किमी. की दूरी पर।

45 मीटर एवं 18 मीटर चौड़ी सड़कों से घिरा हुआ आवासीय परिसर।

सुरक्षा सम्बन्धी आवश्यकताओं के दृष्टिगत बाउण्ड्रीवाल का प्राविधान।

सामान्य सेवाओं हेतु पावर बैकअप का प्राविधान।

आवासीय परिसर में लिफ्ट, फायर सेफ्टी, आकर्षक कम्यूनिटी सेन्टर एवं व्यवसायिक सुविधाओं का प्राविधान।

शहर के प्रमुख स्थलों से दूरी :

एयर पोर्ट - 10 कि.मी.

हजरतगंज - 5 कि.मी.

पी.जी.आई. - 4 कि.मी.

चारबाग रेलवे स्टेशन - 8 कि.मी.

शहीद पथ - 0.0 कि.मी.

गोमतीनगर- 3 कि.मी.

 


eligibility & rules

पंजीकरण हेतु पात्रता

आवेदक भारत का नागरिक हो।

आवेदक की आयु, आवेदन पत्र जमा करने की अन्तिम तिथि को 18 वर्ष पूर्ण या उससे अधिक होनी चाहिए।

फ्लैट हेतु आय सीमा/सम्पत्ति सीमा का कोई प्रतिबन्ध नहीं है।

यह सुविधा ऐसे पूर्णकालिक पत्रकारों को अनुमन्य होगी जो समाचार पत्र / एजेन्सी / निजी इलेक्ट्रिानिक मीडिया से संलग्न हैं व पंजीकृत हैं।

पत्रकारों की परिभाषा में श्रमजीवी पत्रकार जैसा कि वर्किंग जर्नलिस्ट ऐक्ट, 1955 में वर्णित है, आयेंगे।

यदि कोई पत्रकार पूर्व में पुरानी सब्सीडी / अनुदान योजना के अन्तर्गत मकान या प्लाट का लाभ प्राप्त कर चुका हो या प्राप्त कर बेच चुका हो तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगा। आच्छादित नहीं होगा।

आवंटन से सम्बन्धित उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद द्वारा लगायी गयी सामान्य शर्तें पात्रता के लिये आवश्यक होंगी।

सम्बन्धित पत्रकार के नाम ही फ्लैट आवंटित किया जायेगा। आवंटी पत्रकार उक्त फ्लैट को 30 वर्ष तक न तो बेच सकेगा और न ही किसी प्रकार से हस्तान्तरित कर सकेगा।

 

पंजीकरण के नियम

आवेदन करने से पूर्व कृपया पंजीकरण के नियमध्शर्तों का अध्ययन अवश्य कर लें ताकि आवेदन में किसी प्रकार की त्रुटि न होने पायें।

पंजीकरण एक से अधिक या संयुक्त नाम से नहीं किया जा सकता है। केवल पतिण्पत्नी के लिए संयुक्त पंजीकरण अनुमन्य है। विशेष परिस्थितियों में पंजीकरण का हस्तान्तरण पतिण्पत्नी के मध्य नियमानुसार किया जा सकेगा। पंजीकरण व्यक्ति के साथ किसी अन्य व्यक्ति के नाम जोडने अथवा पंजीकरण के अन्तरण की प्रार्थना पर विचार नहीं किया जायेगा।

यदि कोई आवेदक पंजीकरण पात्रता चयन हेतु लाट्री ड्रा की तिथि से पहले पंजीकरण जमा धनराशि वापस लेना चाहता है तो उसके द्वारा निर्धारित रिफण्ड बाउचर पर आवेदन सम्पत्ति प्रबन्ध कार्यालय में आवेदन करने पर नियमानुसार पंजीकरण आवेदन निरस्त करते हुए जमा पंजीकरण धनराशि वापस की जायेगी। ऐसे निरस्त पंजीकरण को बाद में पुनर्जीवित नहीं किया जा सकेगा।

यदि कोई आवेदक पात्र चयनित हो जाता है तो मांग पत्र निर्गमन तिथि से तीन माह के अन्दर अपनी पंजीकरण धनराशि वापस प्राप्त करने हेतु आवेदन करता है तो पंजीकरण धनराशि का 20 प्रतिशत कटौती करते हुए अवशेष धनराशि बिना ब्याज उसे वापस कर दी जायेगी। किन्तु तीन माह पश्चात् ऐसा आवेदन करने पर 50 प्रतिशत की कटौती करते हुए अवशेष पंजीकरण धनरािश बिना ब्याज के वापस की जायेगी एवं पंजीकरण निरस्त कर दिया जायेगा। पंजीकरण धनराशि प्राप्ति हेतु निर्धारित रिफण्ड बाउचर एवं प्राप्ति रसीद आवेदन पत्र के साथ सम्पत्ति प्रबन्ध कार्यालय अवध विहार योजनाए लखनऊ में जमा करनी होगी। इस प्रकार निरस्त कराये गये पंजीकरण को बाद में पुनर्जीवित करने के लिये किसी प्रकार का दावा मान्य ध् स्वीकार नहीं होगा।

फ्लैटस निर्माण में विलम्ब के कारण यदि किसी आवंटी को अन्तिम निर्धारित किश्त जमा करने के 6 माह बाद तक भी परिषद फ्लैट्स आवंटित नहीं कर पाता है तो आवंटी की जमा धनराशि अन्तिम किश्त जमा करने के आगामी माह सेए धनराशि वापसी की मांग के पूर्व माह तकए परिषद के नियमानुसार तत्समय राष्ट्रीयकृत बैंक द्वारा बचत खाते पर देय ब्याज अथवा परिषद द्वारा निर्धारित ब्याज सहित वापस कर दी जायेगी।

यदि किन्ही कारणो से परिषद द्वारा यह योजना संचालित न करने का निर्णय लिया जाता है तो पंजीकृत आवेदकोंध्आवंटियो की जमा धनराशि नियमानुसार वापस कर दी जायेगी। किन्तु इस स्थिति में धनराशि के एक वर्ष से अधिक अवधि तक परिषद खाते में जमा रहने की स्थिति में ही तत्समय राष्ट्रीयकृत बैंक द्वारा बचत खाते पर देय ब्याज दिया जायेगा।

इस योजना के अन्र्तगत प्रत्येक आवेदक को परिषद फ्लैटस देने के लिए बाध्य नहीं होगी और यदि किसी आवेदक को फ्लैट्स आवंटित नहीं हो पाते है तो आवेदक इसके लिए परिषद से किसी प्रकार का हर्जाना प्राप्त करने का हकदार नहीं होगा।

 


ALLOtment RULES

आवंटन नियम

परिषद/शासनादेशो के अनुसार पंजीकरण पात्रता ड्रा में आरक्षण की सुविधा आवेदकों के प्राप्त आवेदन पत्रों के मध्य नियमानुसार दी जायेगी।

प्राप्त आवेदनों की संख्या उपलब्ध फ्लैट की संख्या से अधिक होने पर लाट्री के आधार पर पात्र आवेदको का चयन किया जायेगा। उक्त चयन में असफल आवेदकों को उनकी जमा धनराशि बिना ब्याज के परिषद के नियमानुसार बैंक द्वारा वापस कर दी जायेगी।

योजना में आवंटन हेतु उपलब्ध फ्लैट की संख्या से अधिक आवेदन पत्र प्राप्त होने की स्थिति में समस्त आवेदकों के नाम की पर्चियों को श्रेणीवार एक साथ डालकर लाट्री द्वारा फ्लैट की उपलब्धता की सीमा तक पात्रता निर्धारित की जायेगी। आवेदको की संख्या उपलब्ध फ्लैटस की संख्या से कम होने की दशा में समस्त आवेदक चयनित पात्र माने जायेगें।

समस्त चयनित आवेदक/पात्र समान होगें। उपर्युक्त प्रक्रिया के अनुसार आवेदकों का चयन हो जाने के उपरान्त लाट्री पद्धति से नीचे से ऊपर उर्ध्व रूप से ही फ्लैट की संख्या का आवंटन किया जायेगा। चयनित हो चुके आवेदकों की सहमति से ग्रुपिंग में एक साथ रहने के आधार फ्लैट्स की उपलब्धता की स्थिति में प्रार्थना पत्र देने पर ग्रुप बनाये जाने की सुविधा यथा सम्भव दी जायेगी। चार आवेदकों की सीमा तक ही ग्रुपिंग मान्य होगी।

ग्रुपिंग की स्थिति में ग्रुप की एक पर्ची डाली जायेगी तथा उसके आने पर यथा सम्भव पूर्ण ग्रुप को एक ही तल पर साथ-साथ समायोजित किया जायेगा। लाट्री में ग्रुपिंग न मिलने पर कोई क्लेम मान्य नहीं होगा।

सामान्यतः पंजीकरण एवं पात्रता चयन/आवंटित फ्लैट्स का परिवर्तन नहीं किया जायेगा। विशेष कारणों/परिस्थितियों एवं आवंटी की प्रार्थना पर पंजीकरण एवं आवंटित फ्लैट का परिवर्तन नियमानुसार रिक्त के विरूद्ध परिषद द्वारा निर्धारित परिवर्तन शुल्क देने की शर्त के अधीन सक्षम स्तर द्वारा किया जा सकता है। यह परिवर्तन फ्लैट का विक्रय विलेख-निष्पादन एवं पंजीकरण से पूर्व ही अनुमन्य होगा।

पात्रता चयन के पूर्व समस्त आवेदकों की सूची परिषद वेबसाइट पर प्रदर्शित की जायेगी जिसमें निर्धारित तिथि के पूर्व यदि कोई त्रुटि/कमी परिलक्षित होती है तो उसका निराकरण सम्पत्ति प्रबन्ध कार्यालय, अवध विहार से सम्पर्क करके किया जा सकेगा। अन्यथा की स्थिति में पात्रता चयन के समय एवं उसके पश्चात कोई दावा मान्य नहीं होगा तथा आवेदक स्वयं उत्तरदायी होगा।

 


Other terms/Criteria

योजना आवासीय है। अतः फ्लैट का प्रयोग केवल आवास हेतु किया जायेगा। आवंटी को फ्लैट में किसी प्रकार का निर्माण या परिवर्धन अनुमन्य नहीं है। उल्लंघन किये जाने पर विधिक कार्यवाही की जा सकेगी एवं आवंटन विक्रय-विलेख निष्पादन एवं उसका पंजीकरण निरस्त किया जा सकेगा। उपरोक्त के अतिरिक्त शासन / परिषद के नियम, आदेश व निर्णय आवंटी पर प्रभावी होगें।

सर्वोच्च मंजिल की छत पर किसी आवंटी विशेष का अधिकार नहीं होगा तथा यह उसी टावर के समस्त रेजीडेन्टस की सामुदायिक सेवाओ हेतु उपलब्ध रहेगा।

यदि आवंटी/आवेदक की मृत्यु हो जाती है तो उसका पंजीकरण/आवंटित फ्लैट उसके उत्तराधिकारी द्वारा पंजीकरण /फ्लैट परिवर्तन करने हेतु परिषद के नियमानुसार आवश्यक अभिलेख यथा उत्तराधिकार प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, इन्डेमिनिटी बाॅण्ड आदि उपलब्ध कराने पर विवाद न होने की दशा में परिवर्तन अनुमन्य होगा।

आवंटन तक इस योजना की किसी शर्त में संशोधन का अन्तिम अधिकार आवास आयुक्त में निहित होगा तथा ऐसे संशोधन प्रभावी होगें।

पुस्तिका में असमावेशित रह गयी शर्तो के विषय में सम्बन्धित शासनादेशो व परिषद के प्राविधान प्रभावी होगें।

किसी सक्षम न्यायालय के आदेशानुसार अथवा अन्य किन्ही अपरिहार्य कारणो से यदि परिषद द्वारा सूचित किये गये आवंटित फ्लैट्स के मूल्य में परिवर्तन करना पडा तो उसका भुगतान आवंटी को करना होगा।

किसी भी प्रकार के वाद का परिक्षेत्र लखनऊ होगा।

फ्लैट्स का अन्तिम मूल्य परियोजना को पूर्ण होने पर वास्तविक मूल्यांकन करके ही अन्तिम विक्रय मूल्य निर्धारित किया जायेगा। फ्लैट्स के सूचित अनुमानित मूल्य में बाजार दर में वृद्धि सम्भावित है। 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि होने पर आवेदक यदि चाहे तो अपनी पूरी धनराशि बिना किसी कटौती के बिना ब्याज के प्राप्त कर सकता है।

 

प्राविधान / शर्ते

उक्त उल्लिखित मूल्य अनुमानित है। उक्त निर्माण 36 माह में पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना के पूर्ण होने पर वास्तविक मूल्यांकन करके ही अन्तिम मूल्य देय होगा। अतः नियत किश्तों की धनराशि घट-बढ़ सकती है। सम्पत्ति के वर्तमान में निर्धारित अनुमानित मूल्य में विभिन्न कारणों यथा-भवन निर्माण सामग्री की बाजार दरों में वृद्धि या श्रमिक मजदूरी में वृद्धि होने आदि पर पूर्व निर्धारित मूल्य में बढ़ोत्तरी सम्भव है।

फ्लैटों की टाइप डिजाइन व ले आउट में आवश्कतानुसार परिवर्तन किया जा सकता है।

आवंटियों को प्रति कवर्ड स्टिल्ट कार पार्किंग रू 2.00 लाख, बेसमेंट पार्किंग रू0 1.75 लाख एवं ओपन कार पार्किंग रू0 1.00 लाख अतिरिक्त देना होगा। पार्किंग का आवंटन लाट्री पद्धति से किया जायेगा। अतिरिक्त पार्किंग की सुविधा उपलब्धता के आधार पर उपरोक्त निर्धारित मूल्यों पर देय होगी।

फ्लैटस का भौतिक कब्जा आवंटी को प्रदान करने की तिथि से दो वर्षो तक अनुरक्षण व्यय हेतु आवंटी को ’’कॉर्पस फण्ड’’ में फ्लैट के विक्रय मूल्य का 5 प्रतिशत भौतिक कब्जा से पूर्व देय होगी। एन्क्लेव में सर्वप्रथम व्यक्ति को दिये गये कब्जा की तिथि से दो वर्ष के बाद अनुरक्षण कार्य आवंटियों की उपरोक्त कॉर्पस फण्ड की अवशेष बची धनराशि सहित आवंटियों की वेलफेयर सोसाइटी को हस्तगत कर दिया जायेगा। तत्पश्चात् समिति को अनुरक्षण अपने स्रोतों से करना होगा। प्रत्येक आवंटी को वेलफेयर सोसाइटी का सदस्य बनना अनिवार्य होगा।

परिषद, परिसर का रखरखाव प्रथम कब्जे की तिथि से 02 वर्ष तक किया जाना प्रस्तावित है उसके उपरांत ’’रेजीडेन्ट वेलफेयर सोसायटी’’ द्वारा किया जायेगा।

सामान्य सेवाओं जैसे लिफ्ट आपरेशन, जनरेटर, कैम्पस लाइट, सेक्योरिटी गार्ड, टयूबलेट आपरेशन, कम्यूनिटी सेन्टर की देखरेख, सफाई, विद्युत बिल आदि के रखरखाव हेतु प्रत्येक फ्लैट आवंटी की कब्जा प्राप्त तिथि से दो वर्ष तक रू 1.00 प्रति वर्ग फिट (सुपर एरिया) की दर से रखरखाव शुल्क अतिरिक्त देना होगा। जिसे बाद में परिषद/सोसाइटी को कम या अधिक करने का अधिकार होगा।

परिसर हेतु बाउन्ड्रीवाल का प्राविधान किया गया है। इस परिसर में एक मल्टीपरपज हाल/कम्यूनिटी सेन्टर बनाया जाना प्रस्तावित किया गया है जिसकी लागत उक्त मूल्य में सम्मिलित है।

राज्य/भारत सरकार द्वारा समय-समय पर प्राविधानित विभिन्न प्रकार के टैक्स यथा-वैट, सर्विस टैक्स, लेवर सेस आदि, रजिस्ट्री व्यय के साथ-साथ एवं भविष्य में उक्त टैक्सों की दरों में परिवर्तन होने की दशा में अन्तर धनराशि, आवंटी द्वारा वहन की जायेगी।

 


PAYMENT MODE (post allotment)

भुगतान का तरीका

भुगतान की तिथि एवं किश्तों की धनराशि जमा करने के सम्बन्ध में विवरण, पात्रता चयन होने पर मांग पत्र के माध्यम से सूचित किया जायेगा। मांग पत्र निर्गमन तिथि से प्रथम किश्त की धनराशि 30 दिन के अन्दर बैंक कार्य दिवस में निर्धारित बैंक शाखा में जमा करना है तथा शेष धनराशि 11 त्रैमासिक किश्तों में देय होगी। समस्त भुगतान बैंक ड्राफ्ट/बैंकर्स चैक के माध्यम से ही स्वीकार होगा।

फ्लैट के निर्माणाधीन अवस्था में लाट्री से आवेदक को फ्लैट का नम्बर आवंटित किया जायेगा।

मांग पत्र में दर्शाये गये विवरण के अनुसार निर्धारित तिथि तक वांछित भुगतान नहीं किये जाने पर किश्त की देय धनराशि पर विलम्ब अवधि के लिए, जो अधिकतम 03 माह होगी, परिषद नियमानुसार 13.5 प्रतिशत की दर से पूर्ण माह का ब्याज देय होगा, जिसका भुगतान निर्धारित किश्तों की धनराशि के साथ करना होगा अन्यथा आवंटन एवं पंजीकरण निरस्त कर दिया जायेगा।

आवेदक द्वारा निर्धारित तिथि से 3 माह के अन्दर देय किश्त की निर्धारित मूल धनराशि का भुगतान नहीं किया जाता है तो उसका पंजीकरण स्वतः निरस्त समझा जायेगा और जमा की गयी धनराशि की वापसी परिषद के नियमों के अनुसार पंजीकरण धनराशि में से निर्धारित कटौती करते हुए बिना ब्याज के की जायेगी।

नगर निगम अथवा अन्य किसी विभाग/निकाय द्वारा लगाये गये समस्त/कर/शुल्क, गृहकर, जलकर, आदि का भुगतान नियमानुसार आवंटी को करना होगा।

पंजीकरण के उपरान्त मांग पत्र के अनुसार देय किश्तों की धनराशि का भुगतान परिषद द्वारा अधिकृत बैंक में ही बैंक ड्राफ्ट अथवा बैंकर्स चैक द्वारा किया जायेगा। बैंक ड्राफ्ट बैंकर्स चैक ‘‘उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद‘‘/"UPAVP" के नाम जो लखनऊ में देय हो, के पक्ष में होना चाहिए। उक्त ड्राफ्ट मांग-पत्र में अधिकृत बैंक शाखा को पंजीकरण संख्या/चालान संख्या आवेदक का नाम, योजना का नाम, फ्लैट संख्या एवं श्रेणी आदि विवरण सहित निर्धारित बैंक चालान पर परिषद खाते में जमा करना होगा।

 

असफल आवेदकों को पंजीकरण धनराशि की वापसी

पात्रता चयन के पश्चात् असफल आवेदकों को दो माह के अन्दर बैंक द्वारा सीधे आवेदक के खाते से वापस कर दी जायेगी।

 


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For Property Registration/Allotment/ Refund Related Query : Mr. Anil Kumar Yadav, Joint Housing Commissioner
(Tel. 0522-2238741)
Dr. Anil Kumar, Deputy Housing Commissioner
(Mob : 8795810018)
Mr. Pradeep Srivastava, JAO
(Mob : 8795811198)
For Scheme Implementation/Location/ Construction Related Query : Mr. V.N.Dixit, SE(Circle-1),
Lucknow (Mob. 8795810038)
Mr. K.P.Tripathi, EE CD-31,
Lucknow (Mob. 8795810117)
For Bank Related Issues : Mr. Manoj Minocha, Branch Manager-HDFC
(Ph : 0522-6160616)
Mr. Ankur Soni, Branch Manager-HDFC
(Mob. 7852833744)
For Website Related & other Technical Issues : Mr. Vishnu Prasad (Ph : 0522-2239260)
Mr. Titus/Mr. Gaurav Gupta (Ph :0522-4150500)

 

परिषद ने ग्राहकों की शिकायतों व समस्याओं के निस्तारण के लिए जन सुविधा केन्द्र की स्थापना की है जिसमें आप फोन द्वारा अपनी शिकायत व समस्या दर्ज करा सकते हैं।

 

 

Technical Help Line No : 1800-180-5333 (toll free)

0522-2236803

Call between 10 AM - 6 PM

 

उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद

U.P. HOUSING AND DEVELOPMENT BOARD

104, महात्मा गाँधी मार्ग, लखनऊ- 226 001

Website: www.upavp.com

Email: upavp@sancharnet.in

 

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