Online Registration Period will be applicable upto 31.03.2017.

 

overview

उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद


उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद का गठन परिषद अधिनियम 1965 के अन्तर्गत माह अप्रैल 1966 में विभिन्न आवास एवं विकास योजनाओं का नियोजित ढंग से कार्यान्वयन करते हुए प्रदेश तथा राष्ट्रीय स्तर की आवास नीति एवं कार्यक्रम के अनुसार आवास संबंधी कार्यों में समन्वय लाने के उद्देश्य से किया गया था।

उद्देश्य

प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में विभिन्न आवास संबंधी कार्यकलापों की योजना बनाना एवं इन योजनाओं का शीघ्र तथा प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना।

केन्द्र एवं राज्य सरकार, व्यावसायिक बैंक, वित्तीय संस्थाओं तथा अन्य सार्वजनिक निगमों तथा उपक्रमों से अनुदान अथवा ऋण लेना।

भूमि अर्जित करना तथा आवासीय योजनाओं में सड़क, विद्युत, जलापूर्ति, जल सम्भरण तथा अन्य नगरीय सुविधाओं एवं आवश्यकताओं की व्यवस्था करते हुए पंजीकृत व्यक्तियों की मांग के अनुरूप भूखण्ड अथवा भवन आदि निर्मित करके आवंटित करना।

समाज के दुर्बल वर्ग तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति, सुरक्षा कर्मचारी एवं स्वतंत्रता सेनानी वर्ग के व्यक्तियों के लिए भवन उपलब्ध कराने हेतु विशेष प्रयास करना।

केन्द्र/राज्य सरकार तथा उसके उपक्रम अथवा अन्य संस्थाओं के लिए कार्यालय भवन, शापिंग काम्पलेक्स तथा आवासीय कालोनियों का निर्माण करना व तकनीकी सलाह देना।

भवन निर्माण एवं विकास कार्यों में गति लाना तथा लागत में कमी लाने के उद्देश्य से अनुसंधान कार्यों को प्रोत्साहन देना तथा काॅस्ट इफेक्टिव टेक्नालाॅजी का प्रयोग करते हुए स्थानीय सामग्रियों का उपयोग करने हेतु प्रोत्साहित करना।

प्रदेश में सहकारिता आन्दोलन को बढ़ावा देने के लिए सहकारी आवास समितियों को प्रोत्साहित करना।

आवंटियों को सम्पत्ति के लिए वांछित ऋण उपलब्ध कराना।

परिषद अपनी योजनाओं के अन्तर्गत उन सभी अनिवार्य सेवाओं तथा नागरिक सुविधाओं जैसे-विद्युत- आपूर्ति, शुद्ध पेय जल, ड्रेनेज, सीवर प्रणाली, नालियों, सड़कों, पार्कों तथा सामुदायिक केन्द्र आदि की व्यवस्था करने हेतु प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही परिषद अपनी योजनाओं में विक्रय केन्द्रों, विद्यालयों एवं विभिन्न संस्थाओं आदि के निर्माण हेतु भी व्यवस्था करती है जिससे योजनाएं स्वयं परिपूर्ण शहरी इकाईयों के रूप में विकसित हो सके।

परिषद जन-साधारण की आवश्यकताओं की पूर्ति के अतिरिक्त सहकारी समितियों एवं सार्वजनिक संस्थाओं को भी आवासीय भवन एवं विकसित भूखण्ड उपलब्ध कराती है।

परिषद की योजनाओं में सम्पत्ति के प्रदेशन के लिये इच्छुक पंजीकृत व्यक्तियों के मध्य सम्पत्तियों का आवंटन लाटरी प्रणाली द्वारा अथवा कम्प्यूटर के माध्यम से स्यूडो रैंडम प्रणाली से निर्धारित पात्रता सूची के आधार पर किया जायेगा।

 


important dates

Important Dates for Amrapali Enclave flats at Amrapali Yojna, Gomti Enclave flats at Avadh Vihar Yojna & Saryu Enclave flats at Avadh Vihar Yojna, Lucknow.
Last Date For Registering Online (Step - I) : 31.03.2017
Last Date for Depositing Registration Amount in Bank : 31.03.2017
Last Date For Final Submission of Online Application (Step-II) : 01.04.2017

 


Various Plans

  • example1
    Layout Plan of Amarapali Enclave

 


LAYOUT & OTHER PLANS

Amarapali Enclave

  • example11 BHK Type-A
    Cluster Plan
  • example1 1 BHK Type-A
    Isometric View
  • example1 1 BHK Type-B
    Cluster Plan
  • example1 1 BHK Type-B
    Isometric View
  • example1 2 BHK Typye-A
    Cluster Plan
  • example1 2 BHK
    Isometric View
  • example12 BHK Typye-B
    Cluster Plan

 


details of flats

उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद द्वारा आम्रपाली योजना, हरदोई रोड, लखनऊ में एफोर्डेबल हाउसिंग के अन्तर्गत "समाजवादी आवास योजना-2016" के अधीन आम्रपाली एन्क्लेव के नाम से बहुमंजिली आवसीय परियोजना में 1 BHK एवं 2 BHK के कुल 816 फ्लैट्स का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है।

उक्त परियोजनाओं के अन्तर्गत प्रस्तावित फ्लैट्स विवरण, पंजीकरण मूल्य एवं विशिष्टियां निम्नवत् है:

 

क्र. सं. फ्लैट्स का प्रकार फ्लैट्स की संख्यां फ्लैट्स की मंजिलें सुपर एरिया प्रति फ्लैट्स वर्ग मी0 में कार्पेट एरिया वर्ग मी0 में प्राविधान
1. 1BHK Type-A 120 S + 12 44.86 26.70 1 लिविंग रूम/डाइनिंग रूम, 1 बेडरूम, 1 बाथरूम, 1 डब्ल्यू. सी., 2 बालकनी, 1 किचन
2. 1BHK Type-B 226 S + 12 55.02 37.15 1 लिविंग रूम/डाइनिंग रूम, 1 बेडरूम, 1 बाथरूम, 1 डब्ल्यू. सी., 2 बालकनी, 1 किचन
3. 2BHK Type-A 338 B+S+12 89.75 61.44 1 लिविंग रूम/डाइनिंग रूम, 2 बेडरूम, 2 ट्वायलेट, 3 बालकनी, 1 किचन
4. 2BHK Type-B 132 B+S+12 97.75 66.26 1 लिविंग रूम/डाइनिंग रूम, 2 बेडरूम, 2 ट्वायलेट, 3 बालकनी, 1 किचन

 

नोट :
सम्पत्तियों की संख्या घट / बढ़ सकती है। पंजीकरण धनराशि हेतु बैंक ड्राफ्ट / बैंकर्स चेक "उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद" के नाम जो लखनऊ शहर में देय हो पक्ष में होना चाहिये।

 

उपलब्ध फ्लैटों का विवण

भुगतान का विकल्प 'अ'

अनुमानित मूल्य का एक मुश्त भुगतान पत्र निर्गत तिथि से 60 दिन के अन्दर करने पर 02 प्रतिशत की छूट प्रदान की जायेगी

भुगतान का विकल्प 'ब'

आम्रपाली एन्क्लेव के फ्लैट्स एवं पंजीकरण धनराशि व किश्तों का विवरण

सम्पत्ति का विवरण

क्र. सं0 फ्लैट्स का प्रकार मंजिले फ्लैट्स की संख्या सुपर एरिया सुपरप्लिंथ एरिया (व0मी0) अनुमानित विक्रय मूल्य (रू0 लाख में) पंजीकरण धनराशि रू0 हजार में (2 प्रतिशत) चयन के पश्चात 30 दिन के अन्दर देय धनराशि (रू0 हजार में) (5 प्रतिशत) चयन के उपरान्त आगामी माह से 36 मासिक किस्त (रू0 हजार में) फ्लैट का प्रदेशन पत्र जारी करने /भौतिक कब्जे के समय देय धनराशि (रू0 हजार में) (15 प्रतिशत) 36 मासिक किस्तों के उपरान्त अवशेष 84 मासिक किस्तें (रू0 हजार में 10.5 एवं 11.5 प्रतिशत ब्याज की दर से)
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11
1. 1BHK (Type A) S+12 120 44.86 14.00 28000.00 70000.00 14040.00 210000.00 13150.00
2.1BHK (Type B) S+12 226 55.02 17.18 34360.00 85900.00 18180.00 257700.00 17950.00
3. 2BHK (Type A) B+S+12 338 89.75 28.02 56040.00 140100.00 29650.00 420300.00 29280.00
4. 2BHK (Type B) B+S+12 132 97.75 30.52 61040.00 152600.00 32290.00 457800.00 31800.00

 

उपलब्ध फ्लैटों का विवण

भुगतान का विकल्प 'स'

आम्रपाली एन्क्लेव के फ्लैट्स एवं पंजीकरण धनराशि व किश्तों का विवरण

सम्पत्ति का विवरण

क्र0 सं0 फ्लैट का प्रकार मंजिले फ्लैट्स की संख्या कारपेट क्षेत्रफल (व0मी0) सुपर एरिया (व0मी0) अनुमानित लागत (रू0 लाख में) पंजीकरण धनराशि 5 प्रतिशत (रू0 लाख में) चयन के पश्चात मांग पत्र निर्गत करने के 30 दिन के अन्दर देय धनराशि (रू0 लाख में) अवशेष भुगतान 11 तिमाही किश्तों में (प्रत्येक किश्त की धनराशि लाख में)
1. 1BHK (Type A) S+12 120 26.70 44.86 14.00 0.70 1.42 1.08
2. 1BHK (Type B) S+12 226 37.15 55.02 17.18 0.86 1.69 1.33
3. 2BHK (Type A) B+S+12 338 61.44 89.75 28.02 1.40 2.86 2.16
4. 2BHK (TYpe B) B+S+12 132 66.26 97.75 30.52 1.53 3.03 2.36

 


key features

  • FLATS
  • TOWNSHIP

फ्लैट्स की विशिष्टयां

समाजवादी आवासीय योजना-2016
1BHK + 2 BHK TYPE फ्लैट्स

फ्लैट्स के निर्माण की पद्धति
फ्रेम स्ट्रक्चर / शियरवाल पद्धति
फर्श
कमरे : सेरेमिक टाइल्स
किचन : फर्श में ऐन्टी स्क्डि सेरेमिक टाइल्स, कुकिंग प्लेटफार्म पर ग्रीन मार्बल, दीवारों पर कुकिंक प्लेटफार्म से 0.60 मी. ऊंचाई तक सेरेमिक टाइल्स।
ट्वायलेट / बाथरूम : फर्श में ऐन्टी स्क्डि सेरेमिक एवं दीवारों पर 1.50 मी. ऊँचाई तक सेरेमिक टाइल्स।
डब्लू.सी. : फर्श में ऐन्टी स्क्डि सेरेमिक एवं दीवारों पर 0.60 मी. ऊँचाई तक सेरेमिक टाइल्स।
कामन एरिया : ऐन्टी स्किड सेरेमिक टाइल्स
स्टेयर केस : कोटा स्टोन फ्लोरिंग
डोर फ्रेम : बाहरी दरवाजे-एम.एस. एंगल आयरन (डबल पताम) व शेष एम.एस. एंगल आयरन (सिंगल पताम)
विन्डो फ्रेम व विन्डो शटर : एनोडाइज्ड एल्यूमिनियम विन्डो फ्रेम एवं शटर विद प्लेन ग्लास
डोर शटर : फ्लश डोर शटर
डोर एवं विन्डो फिटिंग्स : आई.एस.आई. मार्क एल्यूमिनियम फिटिंग्स
आन्तरिक जलापूर्ति : यू.पी.वी. पाइप, सी.पी. फिटिंग्स, कियन में स्टेनलेस स्टील सिंक
आन्तरिक सेनेटरी कार्य : प्रथम टवायलेट में उड़ीसा पैन (लो लेवल पी.वी.सी. सिर्स्टन के साथ), द्वितीय ट्वायलेट की दशा में यूरोपियन शीट (लो लेवल पी.वी.सी. सिस्टर्न के साथ)।
विद्युत कार्य : आई.एस.आई. मार्क अग्निरोधक कॉपर वायरिंग पियानो टाइप स्विच एवं फ्लश टाइप साकेट के साथ।
फिनिशिंग : बाहरी सतह पर वेदर कोट फिनिश, आन्तरिक सतह पर ऑयल बाउण्ड डिस्टेम्पर, दरवाजों पर एनामिल पेन्ट।

 

टाउनशिप की विशेष आर्कषण

भूकम्परोधी शियरवाल तकनीक आधारित टॉवर

केन्द्रीयकृत डिश एन्टिना हेतु वायरिंग

सामान्य सेवाओं हेतु 24 घंटे विद्युत आपूर्ति

आकर्षक लैण्डस्केप, पार्क एवं हरित क्षेत्र

चौड़ी सड़कों से युक्त आवासीय परिसर

आवासीय परिसर में फायर सेफ्टी का प्राविधान

आकर्षक कम्युनिटी सेन्टर एवं व्यवसायिक सुविधाओं का प्राविधान

आई.एस.आई. मार्क अग्निरोधक कॉपर वायरिंग

 


eligibility & rules

पंजीकरण हेतु पात्रता

आवेदक भारत का नागरिक हो।

आवेदक की आयु, आवेदन पत्र जमा करने की अन्तिम तिथि को 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।

स्व वित्त पोषित फ्लैट हेतु आय सीमा/सम्पत्ति सीमा का कोई प्रतिबन्ध नहीं है।

 

पंजीकरण के नियम

आवेदन पत्र भरने से पूर्व इस पुस्तिका में दिये गये आवेदन पत्र भरने के लिये निर्देशो का अध्ययन अवश्य कर लें, ताकि आवेदन-पत्र में किसी प्रकार की त्रुटि न होने पायें।

पंजीकरण हेतु निर्धारित बैंक से पंजीकरण पुस्तिका क्रय करके आवेदन पत्र सही व पूर्ण रूप से भरकर निर्धारित तिथि तक चिन्हित बैंक की किसी निर्धारित शाखा में अन्तिम तिथि से पूर्व वांछित संलग्नको व पंजीकरण धनराशि सहित जमा करना होगा।

पंजीकरण एक से अधिक या संयुक्त नाम से नहीं किया जा सकता है। केवल पति-पत्नी के लिए संयुक्त पंजीकरण अनुमन्य है। विशेष परिस्थितियों में पंजीकरण का हस्तान्तरण पति-पत्नी के मध्य नियमानुसार किया जा सकेगा। पंजीकरण व्यक्ति के साथ किसी अन्य व्यक्ति के नाम जोडने अथवा पंजीकरण के अन्तरण की प्रार्थना पर विचार नहीं किया जायेगा।

यदि कोई आवेदक पंजीकरण पात्रता चयन हेतु लाटरी ड्रा की तिथि से पहले पंजीकरण जमा धनराशि वापस लेना चाहता है तो उसके द्वारा निर्धारित रिफण्ड बाउचर पर आवेदन सम्पत्ति प्रबन्ध कार्यालय आम्रपाली योजना लखनऊ में आवेदन करने पर नियमानुसार पंजीकरण आवेदन निरस्त करते हुए जमा पंजीकरण धनराशि वापस की जायेगी। ऐसे निरस्त पंजीकरण को बाद में पुनर्जीवित नहीं किया जा सकेगा।

यदि कोई आवेदक पात्र चयनित हो जाता है तो मांग पत्र निर्गमन तिथि से तीन माह के अन्दर अपनी पंजीकरण धनराशि वापस प्राप्त करने हेतु आवेदन करता है तो पंजीकरण धनराशि का 20 प्रतिशत कटौती करते हुए अवशेष धनराशि बिना ब्याज उसे वापस कर दी जायेगी। किन्तु तीन माह पश्चात् ऐसा आवेदन करने पर 50 प्रतिशत की कटौती करते हुए अवशेष पंजीकरण धनरािश बिना ब्याज के वापस की जायेगी एवं पंजीकरण निरस्त कर दिया जायेगा। पंजीकरण धनराशि प्राप्ति हेतु निर्धारित रिफण्ड बाउचर एवं प्राप्ति रसीद आवेदन पत्र के साथ सम्पत्ति प्रबन्ध कार्यालय वृन्दावन योजना, लखनऊ में जमा करनी होगी। इस प्रकार निरस्त कराये गये पंजीकरण को बाद में पुनर्जीवित करने के लिये किसी प्रकार का दावा मान्य / स्वीकार नहीं होगा।

फ्लैटस निर्माण में विलम्ब के कारण यदि किसी आवंटी को अन्तिम निर्धारित किश्त जमा करने के 6 माह बाद तक भी परिषद फ्लैट्स आवंटित नहीं कर पाता है तो आवंटी की जमा धनराशि अन्तिम किश्त जमा करने के आगामी माह से, धनराशि वापसी की मांग के पूर्व माह तक, परिषद के नियमानुसार तत्समय राष्ट्रीयकृत बैंक द्वारा बचत खाते पर देय ब्याज अथवा परिषद द्वारा निर्धारित ब्याज सहित वापस कर दी जायेगी।

यदि किन्ही कारणो से परिषद द्वारा यह योजना संचालित न करने का निर्णय लिया जाता है तो पंजीकृत आवेदकों/आवंटियो की जमा धनराशि नियमानुसार वापस कर दी जायेगी। किन्तु इस स्थिति में धनराशि के एक वर्ष से अधिक अवधि तक परिषद खाते में जमा रहने की स्थिति में ही तत्समय राष्ट्रीयकृत बैंक द्वारा बचत खाते पर देय ब्याज दिया जायेगा।

इस योजना के अन्र्तगत प्रत्येक आवेदक को परिषद फ्लैटस देने के लिए बाध्य नहीं होगी और यदि किसी आवेदक को फ्लैट्स आवंटित नहीं हो पाते हैं तो आवेदक इसके लिए परिषद से किसी प्रकार का हर्जाना प्राप्त करने का हकदार नहीं होगा।

 


ALLOtment RULES

आवंटन नियम

परिषद/शासनादेशो के अनुसार पंजीकरण पात्रता ड्रा में आरक्षण की सुविधा आवेदकों के प्राप्त आवेदन पत्रों के मध्य नियमानुसार दी जायेगी।

प्राप्त आवेदनों की संख्या उपलब्ध फ्लैट की संख्या से अधिक होने पर लाटरी के आधार पर पात्र आवेदको का चयन किया जायेगा। उक्त चयन में असफल आवेदकों को उनकी जमा धनराशि बिना ब्याज के परिषद के नियमानुसार बैंक द्वारा वापस कर दी जायेगी।

योजना में आवंटन हेतु उपलब्ध फ्लैट की संख्या से अधिक आवेदन पत्र प्राप्त होने की स्थिति में समस्त आवेदकों के नाम की पर्चियों को श्रेणीवार एक साथ डालकर लाटरी द्वारा फ्लैट की उपलब्धता की सीमा तक पात्रता निर्धारित की जायेगी। आवेदको की संख्या उपलब्ध फ्लैटस की संख्या से कम होने की दशा में समस्त आवेदक चयनित पात्र माने जायेगें।

समस्त चयनित आवेदक/पात्र समान होगें। उपर्युक्त प्रक्रिया के अनुसार आवेदकों का चयन हो जाने के उपरान्त लाटरी पद्धति से नीचे से ऊपर उध्र्व रूप से ही फ्लैट की संख्या का आवंटन किया जायेगा। चयनित हो चुके आवेदकों की सहमति से ग्रुपिंग में एक साथ रहने के आधार फ्लैट्स की उपलब्धता की स्थिति में प्रार्थना पत्र देने पर ग्रुप बनाये जाने की सुविधा यथा सम्भव दी जायेगी। चार आवेदकों की सीमा तक ही ग्रुपिंग मान्य होगी।

ग्रुपिंग की स्थिति में ग्रुप की एक पर्ची डाली जायेगी तथा उसके आने पर यथा सम्भव पूर्ण ग्रुप को एक ही तल पर साथ-साथ समायोजित किया जायेगा। लाटरी में ग्रुपिंग न मिलने पर कोई क्लेम मान्य नहीं होगा।

सामान्यतः पंजीकरण एवं पात्रता चयन/आवंटित फ्लैट्स का परिवर्तन नहीं किया जायेगा। विशेष कारणों/परिस्थितियों एवं आवंटी की प्रार्थना पर पंजीकरण एवं आवंटित फ्लैट का परिवर्तन नियमानुसार रिक्त के विरूद्ध परिषद द्वारा निर्धारित परिवर्तन शुल्क देने की शर्त के अधीन आवास आयुक्त द्वारा किया जा सकता है। यह परिवर्तन फ्लैट का विक्रय विलेख-निष्पादन एवं पंजीकरण से पूर्व ही अनुमन्य होगा।

पात्रता चयन के पूर्व समस्त आवेदकों की सूची परिषद वेबसाइट पर प्रदर्शित की जायेगी जिसमें निर्धारित तिथि के पूर्व यदि कोई त्रुटि/कमी परिलक्षित होती है तो उसका निराकरण सम्पत्ति प्रबन्ध कार्यालय, आम्रपाली से सम्पर्क करके किया जा सकेगा। अन्यथा की स्थिति में पात्रता चयन के समय एवं उसके पश्चात कोई दावा मान्य नहीं होगा तथा आवेदक स्वयं उत्तरदायी होगा।

 


Other terms/Criteria

अन्य महत्वपूर्ण शर्ते/सूचना

योजना आवासीय है। अतः फ्लैट का प्रयोग केवल आवास हेतु किया जायेगा। आवंटी को फ्लैट में किसी प्रकार का निर्माण या परिवर्धन अनुमन्य नहीं है। उल्लंघन किये जाने पर विधिक कार्यवाही की जा सकेगी एवं आवंटन विक्रय-विलेख निष्पादन एवं उसका पंजीकरण निरस्त किया जा सकेगा। उपरोक्त के अतिरिक्त शासन / परिषद के नियम, आदेश व निर्णय आवंटी पर प्रभावी होगें।

सर्वोच्च मंजिल की छत पर किसी आवंटी विशेष का अधिकार नहीं होगा तथा यह उसी टावर के समस्त रेजीडेन्टस की सामुदायिक सेवाओ हेतु उपलब्ध रहेगा।

यदि आवंटी/आवेदक की मृत्यु हो जाती है तो उसका पंजीकरण/आवंटित फ्लैट उसके उत्तराधिकारी द्वारा पंजीकरण /फ्लैट परिवर्तन करने हेतु परिषद के नियमानुसार आवश्यक अभिलेख यथा उत्तराधिकार प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, इन्डेमिनिटी बाॅण्ड आदि उपलब्ध कराने पर विवाद न होने की दशा में परिवर्तन अनुमन्य होगा।

आवंटन तक इस योजना की किसी शर्त में संशोधन का अन्तिम अधिकार आवास आयुक्त में निहित होगा तथा ऐसे संशोधन प्रभावी होगें।

पुस्तिका में असमावेशित रह गयी शर्तो के विषय में सम्बन्धित शासनादेशो व परिषद के प्राविधान प्रभावी होगें।

किसी सक्षम न्यायालय के आदेशानुसार अथवा अन्य किन्ही अपरिहार्य कारणो से यदि परिषद द्वारा सूचित किये गये आवंटित फ्लैट्स के मूल्य में परिवर्तन करना पडा तो उसका भुगतान आवंटी को करना होगा।

किसी भी प्रकार के वाद का परिक्षेत्र लखनऊ होगा।

फ्लैट्स का अन्तिम मूल्य परियोजना को पूर्ण होने पर वास्तविक मूल्यांकन करके ही अन्तिम विक्रय मूल्य निर्धारित किया जायेगा। फ्लैट्स के सूचित अनुमानित मूल्य में बाजार दर में वृद्धि सम्भावित है। 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि होने पर आवेदक यदि चाहे तो अपनी पूरी धनराशि बिना किसी कटौती के बिना ब्याज के प्राप्त कर सकता है।

 

प्राविधान / शर्ते

उक्त उल्लिखित मूल्य अनुमानित है। उक्त निर्माण 30 माह में पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना के पूर्ण होने पर वास्तविक मूल्यांकन करके ही अंतिम मूल्य देय होगा। अतः नियत किश्तों की धनराशि घट-बढ़ सकती है। सम्पत्ति के वर्तमान में निर्धारित अनुमानित मूल्य में विभिन्न कारणों यथा - भवन निर्माण सामग्री की बाजार दरों में वृद्धि या श्रमिक मजदूरी में वृद्धि होने पर पूर्व निर्धारित मूल्य में बढ़ोत्तरी सम्भव है।

भवनों की टाइप डिजाइन व ले आउट में आवश्यकतानुसार परिवर्तन किया जा सकता है।

प्रथम तल, द्वितीय तल एवं तृतीय तल के आवंटियों से लोकेशन चार्जेज के रूप में विक्रय मूल्य का क्रमशः 3, 2 व 1 प्रतिशत अतिरिक्त मूल्य देना होगा।

आवंटियों को बेसमेंट पार्किंग रू0 1.75 लाख, कवर्ड स्टिल्ट कार पार्किंग रू0 2.00 लाख एवं ओपन कार पार्किंग रू0 1.00 लाख अतिरिक्त देय होगा। पार्किंग का आवंटन लाट्री पद्धति से किया जायेगा। अतिरिक्त पार्किंग की सुविधा उपलब्धता के आधार पर उपरोक्त निर्धारित मूल्यों पर देय होगी।

फ्लैट्स का भौतिक कब्जा आवंटी को प्रदान करने की तिथि से दो वर्ष तक अनुरक्षण व्यय हेतु आवंटी को "कॉपर्स फण्ड" में फलैट के विक्रय मूल्य का 5 प्रतिशत भौतिक कब्जा से पूर्व देय होगी। इन्क्लेव में सर्वप्रथम व्यक्ति को दिये गये कब्जा की तिथि से दो वर्ष के बाद अनुरक्षण कार्य आवंटियों की उपरोक्त कॉर्पस फण्ड की अवशेष बची धनराशि सहित आवंटियों की वेलफेयर सोसाइटी को हस्तगत कर दिया जायेगा। तत्पश्चात् समिति को अनुरक्षण अपने स्त्रोतों से करना होगा। प्रत्येक आवंटी को वेलफेयर सोसाइटी का सदस्य बनना अनिवार्य होगा।

परिसर का रखरखाव प्रथम कब्जे की तिथि से 02 वर्ष तक किया जाना प्रस्तावित है उसके उपरांत ‘‘रेजीडेन्ट वेलफेयर सोसायटी’’ द्वारा किया जायेगा। प्रत्येक आवंटी को वेलफेयर सोसायटी का सदस्य बनना अनिवार्य होगा।

सामान्य सेवाओं जैसे लिफ्ट आपरेशन, जनरेटर, कैम्पस लाइट, सेक्योरिटी गार्ड, टयूबवेल आपरेशन, कम्युनिटी सेन्टर की देखरेख, सफाई, विद्युत बिल आदि के रखरखाव हेतु फ्लैट आवंटी को कब्जा प्राप्त तिथि से दो वर्ष तक रु. 1.25 प्रति वर्ग फिट (सुपर एरिया) की दर से रखरखाव शुल्क अतिरिक्त देना होगा। जिसे बाद में परिषद/सोसाइटी को कम या अधिक करने का अधिकार होगा।

परिसर हेतु बाउन्ड्रीवाल का प्राविधान किया गया है। इस परिसर में एक मल्टीपरपज हाल/कम्यूनिटी सेन्टर बनाया जाना प्रस्तावित किया गया है जिसकी लागत उक्त मूल्य में सम्मिलित है।

राज्य / भारत सरकार द्वारा समय-समय पर प्राविधानित विभिन्न प्रकार के टैक्स यथा-वैट, सर्विस टैक्स, लेवर सेस आदि, रजिस्ट्री व्यय तथा भविष्य में उक्त टैक्सों की दरों में परिवर्तन होने की दशा में अन्तर धनराशि, आवंटी द्वारा वहन की जायेगी।

 


RESERVATION CRITERIA

क्र. सं. श्रेणी आरक्षण प्रतिशत अतिरिक्त रियायतों तथा सूचनात्मक टिप्पणी
1. अनुसूचित जाति 21 पंजीकरण आवेदन पत्र के साथ जिलाधिकारी / अपर जिलाधिकारी / उपजिलाधिकारी / तहसीलदार द्वारा निर्गत प्रमाण- पत्र की प्रमाणित छायाप्रति संलग्न करना है।
2. अनुसूचित जनजाति 2 तदैव
3. अन्य पिछड़ा वर्ग 27 तदैव
4. मा0 विधायक / सांसद

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी

5 (अ) पंजीकरण आवेदन-पत्र के साथ जिलाधिकारी / अधिकृत प्राधिकारी द्वारा निर्गत प्रमाण-पत्र की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करायें।

(ब) समुचित प्रमाण-पत्र

5. सरकारी सेवाओं तथा सुरक्षा सेवाओ के कर्मचारी जो 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुका हो। 5 पंजीकरण आवेदन- पत्र के साथ अधिकृत प्राधिकारी का प्रमाण-पत्र की प्रमाणित छायाप्रति सलग्न करना है।
6. उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद, विकास प्राधिकरण, जल संस्थान नगर महापालिका व स्थानीय निकायों के कर्मचारी 2 पंजीकरण आवेदन-पत्र के साथ अधिकृत अधिकारी / सक्षम अधिकारी का प्रमाण पत्र मूलरूप में संलग्न करना है। शर्त यह है कि कर्मचारी नियमित अधिष्ठान के अन्तर्गत कार्यरत हो।
7. वर्तमान सैनिक, भूतपूर्व सैनिक व उनके आश्रित 3
पंजीकरण आवेदन के साथ नियत सैनिक अधिकारी / अधिकृत प्राधिकारी के प्रमाण- पत्र की छायाप्रति । किसी राजपत्रित अधिकारी से प्रमाणित कराकर संलग्न करना है।
8. समाज के विकलांग व्यक्ति 3 मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा निर्गत प्रमाण-पत्र की प्रमाणित छायाप्रति संलग्न करना है।
9. वरिष्ठ नागरिक (आवेदन-पत्र को जमा करने की निर्धारित अन्तिम तिथि तक 60 वर्ष अथवा यथा निर्धारित उससे अधिक की आयु पूर्ण होने के आधार पर) 10 मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा तिनर्गत आयु प्रमाण-पत्र अथवा वैद्यानिक प्रमाण-पत्र
10. परिषद योजना द्वारा उसी योजना में विस्थापित व्यक्ति कोई निश्चित प्रतिशत नहीं (अधिकतम 10 प्रतिशत) पंजीकरण दौर के बावजूद आवंटन में सर्वोच्च प्राथमिकता, सम्बन्धित विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी एवं उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद से निर्धारित प्रमाण-पत्र, संलग्न करने पर विस्थपित को दी जायेगी अथवा परिषद द्वारा निर्धारित‍ क्षेत्रफल का भूखण्ड / भवन दिया जायेगा अथवा यथा निर्धारित वांछित श्रेणी की एक सम्पत्ति आवंटित की जायेगी।

नोट : उपरोक्त मे से क्रमांक 1 से 3 में आवेदक जिस वर्ग में आवेदन करेगें लाट्री में उसी श्रेणी में सम्मिलित किया जायेगा। क्रमांक 04 से 10 तक के आरक्षण शासनादेश/परिषदादेशो के प्राविधानानुसार श्रेणी 01 से 03 तक व अनारक्षित श्रेणी के मध्य से ही हारिजेन्टल रूप से किया जायेगा।


हॉरिजेन्टल आरक्षण लागू होने की दशा में एक ही विकल्प मान्य होगा।

1. कोड न भरने की स्थिति में आवेदक को अनारक्षित श्रेणी में सम्मिलित किया जायेगा। यह उल्लेखनीय है कि यदि आवेदक आरक्षण कोड भरने के आधार पर चयनित हो जाता है तो आरक्षण श्रेणी की पुष्टि प्रमाण पत्रों से की जानी अनिवार्य होगी। त्रुटिपूर्ण प्रमाण होने की स्थिति में अथवा आवेदन पत्र निरस्त किया जायेगा तथा आवेदक के विरूद्ध अन्य विधिक कार्यवाही की जा सकेगी।

2. उ0प्र0 के अतिरिक्त अन्य राज्य के आरक्षित वर्ग के व्यक्ति पात्र नहीं माने जाएंगे।


भूमि विस्थापितों के लिये प्राविधान

भूमि विस्थापितों को शासनादेशों / परिषदादेशों के अनुरूप वरीयता देय होगी। भूमि-विस्थापितों का तात्पर्य ऐसे आवेदकों से है जिसकी भूमि/भवन को परिषद द्वारा उस योजना हेतु अधिगृहित किया गया हो। इस हेतु सक्षम अधिकारी (भूमि अध्याप्ति अधिकारी) का प्रमाणपत्र अनिवार्य रूप से संलग्न करना होगा।

 


PAYMENT MODE (post allotment)

भुगतान का तरीका

पुस्तिका में अंकित विकल्प 'अ' 'ब' 'स' के अनुसार फ्लैट का भुगतान किया जा सकता है।

फ्लैट के निर्माणधीन अवस्था में लाटरी से आवेदक को फ्लैट का नम्बर आवंटित किया जायेगा।

मांग पत्र में दर्शाये गये विवरण के अनुसार निर्धारित तिथि तक वांछित भुगतान नहीं किये जाने पर किश्त की देय धनराशि पर विलम्ब अवधि के लिए, जो अधिकतम 03 माह होगी, परिषद, नियमानुसार 13.5 प्रतिशत की दर से पूर्ण माह का ब्याज देय होगा, जिसका भुगतान निर्धारित किश्तों की धनराशि के साथ करना होगा अन्यथा आवंटन एवं पंजीकरण निरस्त कर दिया जायेगा।

आवेदक द्वारा निर्धारित तिथि से 3 माह के अन्दर देय किश्त की निर्धारित मूल धनराशि की भुगतान नहीं किया जाता है तो उसका पंजीकरण स्वत: निरस्त समझा जायेगा और जमा की गयी धनराशि की वापसी परिषद के नियमों के अनुसार पंजीकरण धनराशि में से निर्धारित कटौती करते हुए बिना ब्याज के की जायेगी।

नगर निगम अथवा अन्य किसी विभाग / निकाय द्वारा लगाये गये समस्त कर / शुल्क, गृहकर, जलकर, आदि का भुगतान नियमानुसार आवंटी को करना होगा।

पंजीकरण के उपरान्त मांग पत्र के अनुसार देय किश्तों की धनराशि की धनराशि का भुगतान परिषद द्वारा अधिकृत बैंक में ही बैंक ड्राफ्ट अथवा बैंकर्स चेक द्वारा किया जायेगा। बैंक ड्राफ्ट बैंकर्स चैक "उ०प्र० आवास एवं विकास परिषद" / "UPAVP" के नाम जो लखनऊ में देय हो, के पक्ष में होना चाहिए। उक्त ड्राफ्ट मांग-पत्र में अधिकृत बैंक शाखा को पंजीकरण संख्या / चालान संख्या आवेदक का नाम, योजना का नाम, फ्लैट संख्या एवं श्रेणी आदि विवरण सहित निर्धारित बैंक चालान पर परिषद खाते में जमा करना होगा।

 


असफल आवेदकों को पंजीकरण धनराशि की वापसी

पात्रता चयन के पश्चात् असफल आवेदकों को दो माह के अन्दर बैंक द्वारा सीधे आवेदक के खाते से वापस कर दी जायेगी।

 


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परिषद ने ग्राहकों की शिकायतों व समस्याओं के निस्तारण के लिए जन सुविधा केन्द्र की स्थापना की है जिसमें आप फोन द्वारा अपनी शिकायत व समस्या दर्ज करा सकते हैं।

 

 

Technical Help Line No : 1800-180-5333 (toll free)

0522-2236803

Call between 10 AM - 6 PM

 

उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद

U.P. HOUSING AND DEVELOPMENT BOARD

104, महात्मा गाँधी मार्ग, लखनऊ- 226 001

Website: www.upavp.com

Email: upavp@sancharnet.in

 

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