Online Registration Period from 09.01.2017 to 31.03.2017

 

overview

उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद


उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद का गठन परिषद अधिनियम 1965 के अन्तर्गत माह अप्रैल 1966 में विभिन्न आवास एवं विकास योजनाओं का नियोजित ढंग से कार्यान्वयन करते हुए प्रदेश तथा राष्ट्रीय स्तर की आवास नीति एवं कार्यक्रम के अनुसार आवास संबंधी कार्यों में समन्वय लाने के उद्देश्य से किया गया था।

उद्देश्य

प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में विभिन्न आवास संबंधी कार्यकलापों की योजना बनाना एवं इन योजनाओं का शीघ्र तथा प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना।

केन्द्र एवं राज्य सरकार, व्यावसायिक बैंक, वित्तीय संस्थाओं तथा अन्य सार्वजनिक निगमों तथा उपक्रमों से अनुदान अथवा ऋण लेना।

भूमि अर्जित करना तथा आवासीय योजनाओं में सड़क, विद्युत, जलापूर्ति, जल सम्भरण तथा अन्य नगरीय सुविधाओं एवं आवश्यकताओं की व्यवस्था करते हुए पंजीकृत व्यक्तियों की मांग के अनुरूप भूखण्ड अथवा भवन आदि निर्मित करके आवंटित करना।

समाज के दुर्बल वर्ग तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति, सुरक्षा कर्मचारी एवं स्वतंत्रता सेनानी वर्ग के व्यक्तियों के लिए भवन उपलब्ध कराने हेतु विशेष प्रयास करना।

केन्द्र/राज्य सरकार तथा उसके उपक्रम अथवा अन्य संस्थाओं के लिए कार्यालय भवन, शापिंग काम्पलेक्स तथा आवासीय कालोनियों का निर्माण करना व तकनीकी सलाह देना।

भवन निर्माण एवं विकास कार्यों में गति लाना तथा लागत में कमी लाने के उद्देश्य से अनुसंधान कार्यों को प्रोत्साहन देना तथा काॅस्ट इफेक्टिव टेक्नालाॅजी का प्रयोग करते हुए स्थानीय सामग्रियों का उपयोग करने हेतु प्रोत्साहित करना।

प्रदेश में सहकारिता आन्दोलन को बढ़ावा देने के लिए सहकारी आवास समितियों को प्रोत्साहित करना।

आवंटियों को सम्पत्ति के लिए वित्तीय संस्थाओं से वांछित ऋण उपलब्ध कराना।

परिषद अपनी योजनाओं के अन्तर्गत उन सभी अनिवार्य सेवाओं तथा नागरिक सुविधाओं जैसे-विद्युत- आपूर्ति, शुद्ध पेय जल, ड्रेनेज, सीवर प्रणाली, नालियों, सड़कों, पार्कों तथा सामुदायिक केन्द्र आदि की व्यवस्था करने हेतु प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही परिषद अपनी योजनाओं में विक्रय केन्द्रों, विद्यालयों एवं विभिन्न संस्थाओं आदि के निर्माण हेतु भी व्यवस्था करती है जिससे योजनाएं स्वयं परिपूर्ण शहरी इकाईयों के रूप में विकसित हो सके।

परिषद जन-साधारण की आवश्यकताओं की पूर्ति के अतिरिक्त सहकारी समितियों एवं सार्वजनिक संस्थाओं को भी आवासीय भवन एवं विकसित भूखण्ड उपलब्ध कराती है।

परिषद की योजनाओं में सम्पत्ति के प्रदेशन के लिये पंजीकृत व्यक्तियों के मध्य सम्पत्तियों का आवंटन लाटरी प्रणाली द्वारा किया जायेगा।

 


important dates

Property Details-Multi-storeyed (S+12) Flats in Avadh Vihar Yojna, Sector-5, Lucknow.

Last Date For Registering Online (Step - I) : 31.03.2017
Last Date for Depositing Registration Amount in Bank : 31.03.2017
Last Date For Final Submission of Online Application (Step-II) : 01.04.2017

 


LAYOUT & OTHER PLANS

  • example1
    Key Plan
  • example1
    1 BHK TYPE-A
  • example1
    1 BHK TYPE-B
  • example12 BHK Plan

 


details of Flats

उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद, लखनऊ पेश करते हैं आवासीय सुविधाओं से सुसज्जित अति विशिष्ट उपनगरी अवध विहार योजना लखनऊ में शारदा एन्क्लेव स्ववितत पोषित बहुमंजिली आवासीय परियोजना के अन्तर्गत फ्लैट्स का पंजीकरण शारदा एन्क्लेव में निम्नलिखित सुविधाओं सहित परिसर में 1 बी.एच.के. टाइप ए के 288 नग एवं 1 बी.एच.के. टाइप बी के 192 नग तथा 2 बी.एच.के. के 624 नग फ्लैट निर्मित किए जाने हैं :-

 

क्र. सं. फ्लैटों का प्रकार फ्लैटों की संख्या सुपर एरिया क्षेत्रफल (व.मी.) निर्मित क्षेत्रफल (व.मी.) प्रस्तावित विक्रय मूल्य (रू. लाख में) पंजीकरण धनराशि (रू. लाख में) आवंटन के पश्चात मांग पत्र निर्गत करने के 30 दिन के अन्दर देय धनराशि (रू. लाख में) अवशेष भुगतान नौ त्रैमासिक किश्तों में (प्रत्येक किश्त की धनराशि) (रू. लाख में) प्राविधान
1. 1 BHK Type-A 288 29.85 27.32 10.45 0.55 1.35 0.95 ड्राइंग रूम 1, बेडरूम 1, बाथरूम 1, डब्लू.सी. 1, किचन 1, बालकनी 1
2. 1 BHK Type-B 192 39.75 33.77 13.90 0.70 1.50 1.30 ड्राइंग एवं लिविंग रूम 1, बेडरूम 1, बाथरूम 1, डब्लू.सी. 1, किचन 1, बालकनी 1
3. 2 BHK 624 58.54 47.08 20.45 1.00 2.35 1.90 लिविंग रूम 1, बेडरूम 2, टायलेट 1, डब्लू.सी. 1, किचन 1, बालकनी 2

नोट : पंजीकरण धनराशि हेतु बैंक ड्राफ्ट/बैंकर्स चेक "उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद" के नाम जो लखनऊ शहर में देय हो के पक्ष में होना चाहिए।

 


key features

  • FLATS
  • TOWNSHIP
फ्लैट्स की विशिष्टियां
स्ट्रक्चर : भूकम्परोधी निर्माण।
फर्श : ड्राईंग-डायनिंग एवं बेडरूम में विट्रीफाइड टाइल किचन, बालकनी एवं टायलेट्स सिरैमिक टाइल्स कॉमन एरिया में कोटा स्टोन।
किचन : कुकिंग प्लेटफार्म पर ग्रेनाइट/प्लेटफार्म के ऊपर दो फिट ऊँचाई तक सेरेमिक टाइल, स्टेनलेस स्टील का सिंक।
ट्वायलेट : फर्श पर ऐन्टी स्किड एवं दीवारों पर सेरेमिक टाइल्स, ट्वायलेट में इंडियन यूरोपियन सीट/सिसटर्न।
दरवाजे : दरवाजे आई.एस.आई. मार्क फ्लश डोर शटर्स, चौखट एंगिल आयरन।
खिड़कियाँ : एलुमिनियम विन्डो फ्रेम एवं शटर्स मच्छर जाली सहित।
रंग रोगन : भीतरी दीवारों व छत पर आयल बाउण्ड पेंट तथा बाहरी सतह पर वाटरप्रूफ वेदर कोट फिनिशिंग, दरवाजों पर एनामिल पेन्ट।
विद्युत : अग्निरोधक पी.वी.सी. कापर कन्सील्ड वायरिंग।
डोर फिटिंग्स : आई.एस.आई. मार्क एल्यूमिनियम/एस.एस. फिटिंग्स।

 

टाउनशिप की विशेष आर्कषण

समस्त सुविधाओं युक्त परिसर, जिसमें लिफ्ट का प्राविधान हैं।

परिसर में कम्यूनिटी सेन्टर का प्राविधान।

प्रत्येक फ्लैट को 200 वाट का पावर बैकअप।

24 घंटे सिक्योरिटी, सीसीटीवी (आर0डब्लू0ए0 द्वारा)।

भूकम्परोधी निर्माण।

पूर्ण विकसित क्षेत्र में स्थित।

गेट/प्लाजा तथा सभी सेक्टर्स में सुरक्षा की दृष्टि आवश्यकतानुसार गेट का प्राविधान।

टाउनशिप में फाइव स्टार होटल, मल्टीप्लेक्स/शॉपिंग माल, सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल, उच्च स्तरीय तकनीकी/प्रबंधन संस्थानों हेतु समुचित व्यवस्था।

उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों के आधार पर दुर्बल आय वर्ग और अल्प आय वर्ग के लिए टाउनशिप के अन्दर ही आवासीय योजनाएं।

टाउनशिप की चौड़ी सड़कों, बड़े चौराहों, रलवे ओवरब्रिज के द्वारा सुल्तानपुर रोड, रायबरेली रोड, वृन्दावन योजना, गोमती नगर विस्तार योजना, पी.जी.आई., एयरपोर्ट आदि से सीधी कनेक्टिविटी।

सुल्तानपुर रोड से योजना के मध्य में 45 मी. चौड़ी मास्टर प्लान सड़क जो उतरठिया रेलवे स्टेशन के निकट रेलवे ओबर ब्रिज द्वारा वृन्दावन योजना से होती हुई पी.जी.आई. एवं रायबरेली रोड को जोड़ेगी।

 


eligibility & rules

पंजीकरण हेतु पात्रता

आवेदक भारत का नागरिक हो।

आवेदक की आयु आवेदन पत्र जमा करने की अन्तिम तिथि को 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।

स्व वित्त‍ि पोषित फ्लैट हेतु आय सीमा का कोई प्रतिबन्ध नहीं है।

पंजीकरण के नियम

ऑनलाइन आवेदन भरने से पूर्व How to Apply लिंक पर दिये गये निर्देशों का अध्ययन अवश्य कर लें, ताकि आवेदन-पत्र में किसी प्रकार की त्रुटि न होने पायें।

पंजीकरण एक से अधिक या संयुक्त नाम से नहीं किया जा सकता है। केवल पति‍-पत्नी के लिए संयुक्त पंजीकरण अनुमन्य है। विशेष परिस्थितियों में पंजीकरण का हस्तान्तरण पति-पत्नि के मध्य नियमानुसार किया जा सकेगा। पंजीकरण व्यक्ति के साथ किसी अन्य व्यक्ति के नाम जोड़ने अथवा पंजीकरण के अन्तरण की प्रार्थना पर विचार नहीं किया जायेगा।

यदि कोई आवेदक पंजीकरण पात्रता चयन या आवंटन तिथि, जो भी पहले हो पूर्व जमा पंजीकरण धनराशि वापस लेना चाहता है तो उसे बिना किसी कटौती के परिषद द्वारा निर्धारित रिफण्ड बाउचर भरकर आवेदन करने पर पंजीकरण धनराशि बैंक के माध्यम से वापस कर दी जायेगी, परन्तु पंजीकरण राशि पर कोई ब्याज देय नहीं होगा। किन्तु ऐसा निरस्त पंजीकरण बाद में पुर्नजीवित नहीं किया जा सकेगा।

यदि कोई आवेदक पंजीकरण पात्रता चयन हेतु लाट्री ड्रा की तिथि से पहले पंजीकरण जमा धनराशि वापस लेना चाहता है तो उसके द्वारा निर्धारित रिफण्ड बाउचर पर आवेदन सम्पत्ति प्रबन्ध कार्यालय वृन्दावन योजना, लखनऊ में आवेदन करने पर नियमानुसार पंजीकरण आवेदन निरस्त करते हुए जमा पंजीकरण धनराशि वापस की जायेगी। ऐसे निरस्त पंजीकरण को बाद में पुनर्जीवित नहीं किया जा सकेगा।

यदि कोई आवेदक पात्र चयनित हो जाता है तो मांग पत्र निर्गमन तिथि से तीन माह के अन्दर अपनी पंजीकरण धनराशि वापस प्राप्त करने हेतु आवेदन करता है तो पंजीकरण धनराशि का 20 प्रतिशत कटौती करते हुए अवशेष धनराशि बिना ब्याज उसे वापस कर दी जायेगी। किन्तु तीन माह पश्चात ऐसा आवेदन करने पर 50 प्रतिशत की कटौती करते हुए अवशेष पंजीकरण धनराशि बिना ब्याज के वापस की जायेगी एवं पंजीकरण निरस्त कर दिया जायेगा। पंजीकरण धनराशि प्राप्ति हेतु निर्धारित रिफण्ड बाउचर एवं प्राप्ति रसीद आवेदन पत्र के साथ सम्पत्ति प्रबन्ध कार्यालय वृन्दावन योजना, लखनऊ में जमा करनी होगी। इस प्रकार निरस्त कराये गये पंजीकरण को बाद में पुनर्जीवित करने के लिये किसी प्रकार का दावा मान्य/स्वीकार नहीं होगा।

फ्लैटा निर्माण में विलम्ब के कारण यदि किसी आवंटी को अन्तिम निर्धारित किश्त जमा करने के 6 माह बाद तक भी परिषद फ्लैटस आवंटित नहीं कर पाता है तो आवंटी की जमा धनराशि अन्तिम किश्त जमा करने के आगामी माह से, धनराशि वापसी की मांग के पूर्व माह तक, परिषद के नियमानुसार तत्समय राष्ट्रीयकृत बैंक द्वारा बचत खाते पर देय ब्याज अथवा परिषद द्वारा निर्धारित ब्याज सहित वापस कर दी जायेगी।

यदि किन्ही कारणों से परिषद द्वारा यह योजना संचालित न करने का निर्णय लिया जाता है तो पंजीकृत आवेदकों/आवंटियों की जमा धनराशि नियमानुसार वापस कर दी जायेगी। किन्तु इस स्थिति में धनराशि के एक वर्ष से अधिक अवधि तक परिषद खाते में जमा रहने की स्थिति में ही तत्समय राष्ट्रीयकृत बैंक द्वारा बचत खाते पर देय ब्याज दिया जायेगा।

इस योजना के अर्न्तगत प्रत्येक आवेदक को परिषद फ्लैटस देने के लिए बाध्य नहीं होगी और यदि किसी आवेदक को फ्लैटस आवंटित नहीं हो पाते है तो आवेदक इसके लिए परिषद से किसी प्रकार हर्जाना प्राप्त करने का हकदार नहीं होगा।

 


ALLOtment RULES

आवंटन नियम

परिषद / शासनादेशो के अनुसार पंजीकरण पात्रता ड्रा में आरक्षण की सुविधा आवेदकों के प्राप्त आवेदन पत्रों के मध्य नियमानुसार दी जायेगी।

प्राप्त आवेदनों की संख्या उपलब्ध फ्लैट की संख्या से अधिक होने पर लाटरी के आधार पर पात्र आवेदकों का चयन किया जायेगा। उक्त चयन में असफल आवेदकों को उनकी जमा धनराशि बिना ब्याज के परिषद के नियमानुसार बैंक द्वारा वापस कर दी जायेगी।

योजना में आवंटन हेतु उपलब्ध फ्लैट की संख्या से अधिक आवेदन पत्र प्राप्त होने की स्थिति में समस्त आवेदकों के नाम की पर्चियों को श्रेणीवार एक साथ डालकर लाटरी द्वारा फ्लैट की उपलब्धता की सीमा तक पात्रता निर्धारित की जायेगी। आवेदको की संख्या उपलब्ध फ्लैटस की संख्या से कम होने की दशा में समस्त आवेदक चयनित पात्र माने जायेगें।

समस्त चयनित आवेदक / पात्र समान होगें। उपर्युक्त प्रक्रिया के अनुसार आवेदकों का चयन हो जाने के उपरान्त लाटरी पद्धति से नीचे से ऊपर उर्ध्व रूप से ही फ्लैट की संख्या का आवंटन किया जायेगा। चयनित हो चुके आवेदकों की सहमति से ग्रुपिंग में एक साथ रहने के आधार पर फ्लैटस की उपलब्धता की स्थिति में प्रार्थना पत्र देने पर ग्रुप बनाये जाने की सुविधा यथा सम्भव दी जायेगी। चार आवेदकों की सीमा तक ही ग्रुपिंग मान्य होगी।

ग्रुपिंग की स्थिति में ग्रुप की एक पर्ची डाली जायेगी तथा उसके आने पर यथा सम्भव पूर्ण ग्रुप को एक ही तल पर साथ-साथ समायोजित किया जायेगा। लाटरी में ग्रुपिंग न मिलने पर कोई क्लेम मान्य नहीं होगा।

सामान्यत: पंजीकरण एवं पात्रता चयन/आवंटित फ्लैटस का परिवर्तन नहीं किया जायेगा। विशेष कारणों/परिस्थितियों एवं आवंटी की प्रार्थना पर पंजीकरण एवं आवंटित फ्लैट का परिवर्तन नियमानुसार रिक्त के विरूद्ध परिषद द्वारा निर्धारित परिवर्तन शुल्क देने की शर्त के अधीन सक्षम स्तर द्वारा किया जा सकता है। यह परिवर्तन फ्लैट का विक्रय विलेख-निष्पादन एवं पंजीकरण से पूर्व ही अनुमन्य होगा।

पात्रता चयन के पूर्व समस्त आवेदकों की सूची परिषद वेबसाइट पर प्रदर्शित की जायेगी जिसमें निर्धारित तिथि के पूर्व यदि कोई त्रुटि/कमी परिलक्षित होती है तो उसका निराकरण सम्पत्ति प्रबन्ध कार्यालय, वृन्दावन से सम्पर्क करके किया जा सकेगा। अन्यथा की स्थिति में पात्रता चयन के समय एवं उसके पश्चात कोई दावा मान्य नहीं होगा तथा आवेदक स्वयं उत्तरदायी होगा।

 


Other terms/Criteria

अन्य महत्वपूर्ण शर्ते/सूचना

योजना आवासीय है। अत: फ्लैट का प्रयोग केवल आवास हेतु किया जायेगा। आवंटी को फ्लैट में किसी प्रकार का निर्माण या परिवर्धन अनुमन्य नहीं है। उल्लंघन किये जाने पर विधिक कार्यवाही की जा सकेगी एवं आवंटन विक्रय-विलेख निष्पादन एवं उसका पंजीकरण निरस्त किया जा सकेगा। उपरोक्त के अतिरिक्त शासन/परिषद के नियम, आदेश व निर्णय आवंटी पर प्रभावी होंगे।

सर्वोच्च मंजिल की छत पर किसी आवंटी विशष का अधिकार नहीं होगा तथा यह उसी टावर के समस्त रेजीडेन्टस की सामुदायिक सेवाओं हेतु उपलब्ध रहेगा।

यदि आवंटी / आवेदक की मृत्यु हो जाती है तो उसका पंजीकरण / आवंटित फ्लैट उसके उत्तराधिकारी द्वारा पंजीकरण / फ्लैट परिवर्तन करने हेतु परिषद के नियमानुसार आवश्यक अभिलेख यथा उत्तराधिकार प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र इन्टमिनिटी बॉण्ड आदि उपलब्ध कराने पर विवाद न होने की दशा में परिवर्तन अनुमन्य होगा।

आवंटन तक इस योजना की किसी शर्त में संशोधन का अन्तिम अधिकार आवास आयुक्त में निहित होगा यथा ऐऐ संशोधन प्रभावी होंगे।

पुस्तिका में असमावेशित रह गयी शर्तो के विषय में सम्बन्धित शासनादेशों व परिषद के प्राविधान प्रभावी होंगे।

किसी सक्षम न्यायालय के आदेशानुसार अथवा अन्य किन्ही अपरिहार्य कारणों से यदि परिषद द्वारा सूचित किये गये आवंटित सम्पत्ति के मूल्य में परिवर्तन करना पड़ा तो उसका भुगतान आवंटी को करना होगा।

किसी भी प्रकार के वाद का परिक्षेत्र लखनऊ होगा।

फ्लैट्स का अन्तिम मूल्य परियोजना को पूर्ण होने पर वास्तविक मूल्यांकन करके ही अन्तिम विक्रय मूल्य निर्धारित किया जायेगा। फ्लैट्स के सूचित अनुमानित मूल्य में बाजार दर में वृद्धि सम्भावित है। 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि होने पर आवेदक यदि चाहे तो अपनी पूरी धनराशि बिना किसी कटौती के बिना ब्याज के प्राप्त कर सकता है।

 

प्राविधान / शर्ते

उक्त उल्लिखित मूल्य अनुमानित है। उक्त निर्माण 30 माह में पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना के पूर्ण होने पर वास्तविक मूल्यांकन करके ही अंतिम मूल्य देय होगा। अतः नियत किश्तों की धनराशि घट-बढ़ सकती है। सम्पत्ति के वर्तमान में निर्धारित अनुमानित मूल्य में, अपरिहार्य कारणों जैसे भवन निर्माण सामग्री की बाजार दरों में वृद्धि होने पर परिवर्तन सम्भावित है।

फ्लैट के सुपर एरिया एवं ले-आउट डिजाइन में आंशिक परिवर्तन हो सकता है। विक्रयशीलता के अनुसार परिसर में किये जा रहे 1 बी.एच.के. एवं 2 बी.एच.के. फ्लैट्स की संख्या में परिवर्तन किया जा सकता है।

प्रथम तल, द्वितीय तल एवं तृतीय तल पर आवंटित फ्लैटस के आवेदकों को लोकेशन चार्जेज के रूप में विक्रय मूल्य का क्रमश: 3, 2 व 1 प्रतिशत अतिरिक्त मूल्य देना होगा।

परिसर में कार पार्किंग की सुविधा सीमित है। कार पार्किंग सिर्फ 2 बी.एच.के. के फ्लैट के आवंटियों को उपलब्धता के आधार पर आवंटित किया जायेगा। पार्किंग आवंटित होने की दशा में आवंटी को एक स्टिल्ट पार्किंग हेुत रू. 200000.00 एवं ओपेन पार्किंग हेतु रू. 100000.00 का अतिरिक्त देना होगा। अन्य फ्लैटों हेतु 01 नग दो पहिया वाहन पार्किंग हेतु, पार्किंग आवंटित किया जायेगा।

प्रत्येक आवंटी को फ्लैट के सुपर एरिया के अनुपात में भूमि मूल्य पर फ्री-होल्ड चार्जेज अतिरिक्त देय होगा।

प्रत्येक आवंटी को प्रीपेड मीटर सिस्टम से विद्युत कनेक्शन लिया जाना होगा एवं इस हेतु वास्तविक लागत के अनुरूप भुगतान अतिरिक्त देना होगा।

आवंटी को कब्जा पूर्व निर्धारित मूल्य के स्टैम्प पेपर पर विक्रय विलेख निष्पादित कराया जाना अनिवार्य होगा। स्टैम्प पेपर एवं विक्रय विलेख निष्पादन सम्बन्धी व्यय आवंटी द्वारा स्वयं वहन किया जाएगा।

फ्लैटस का भौतिक कब्जा आवंटी को प्रदान करने की तिथि से 02 वर्ष तक अनुरक्षण व्यय हेतु आवंटी को "कॉपर्स फण्ड" में फ्लैट के स्वीकृत विक्रय मूल्य का 5 प्रतिशत धनराशि भौतिक कब्जा से पूर्व देय होगी। एन्क्लेव में सर्वप्रथम व्यक्ति द्वारा दिये गये कब्जा की तिथि से 2 वर्ष के बाद अनुरक्षण कार्य आवंटियों की उपरोक्त कार्पस फण्ड की अवशेष बची धनराशि सहित आवंटियों की वेलफेयर सोसायटी को हस्तगत कर दिया जायेगा। तत्पश्चात समिति को अनुरक्षण अपने स्रोतों से करना होगा। निर्धारित रख-रखाव व्यय भौतिक कब्जा प्राप्त करने की तिथि से प्रतिमाह आवंटी द्वारा देय होगा।

परिसर का रख-रखाव प्रथम कब्जे की तिथि से 02 वर्ष तक परिषद द्वारा किया जाना प्रस्तावित है। इसके उपरान्त रख-रखाव रेजीडेन्ट वेलफेयर सोसायटी द्वारा किया जायेगा। प्रत्येक आवंटी का वेलफेयर सोसायटी का सदस्य बनना अनिवार्य होगा।

सुपर एरिया पर रू0 1.00 प्रति वर्गफिट की दर से सामान्य सेवाओं जैसे-लिफ्ट, जनरेटर, कैम्पस लाइट, सिक्योरिटी गार्ड, ट्यूबवेल आपरेशन, कम्यूनिटी सेन्टर, विद्युत बिल, सफाई आदि के रख-रखाव हेतु प्रत्येक फ्लैट आवंटी को प्रतिमाह अतिरिक्त देय होगा जो समय-समय पर रख-रखाव एजेन्सी यथा परिषद/रेजीडेन्ट सोसायटी द्वारा आवश्यकता के अनुरूप घटाया बढ़ाया जा सकेगा।

पावर बैक-अप का सीमित प्राविधान किया गया है।

परिसर हेतु बाउण्ड्रीवाल का प्राविधान किया गया है। इस परिसर में कम्यूनिटी सेन्टर एवं दुकानों का बनाया जाना प्रस्तावित है, जिसकी लागत उक्त मूल्य में सम्मिलित है। दुकानों के विक्रय से प्राप्त धनराशि अंतिम मूल्यांकन में समायोजित कर ली जायेगी।

यदि भविष्य में राज्य सरकार या भारत सरकार द्वारा अलग से कोई टैक्स जैसे- वैट, सर्विस टैक्स, जी.एस.टी. आदि आरोपित किया जाता है अथवा प्रचलित दरों में कोई परिवर्तन किया जाता है तो वह आवंटी को वहन करना होगा।

सुपर एरिया की गणना में पार्किंग क्षेत्रफल को सम्मिलित नहीं किया गया है।

पंजीकरण के सम्बन्ध में परिषद में वर्तमान में प्रचलित समस्त नियम पूर्ववत रहेंगे।

 


RESERVATION CRITERIA

क्र. सं. श्रेणी आरक्षण प्रतिशत अतिरिक्त रियायतों तथा सूचनात्मक टिप्पणी
1. अनुसूचित जाति 21 पंजीकरण आवेदन पत्र के साथ जिलाधिकारी/अपर जिलाधिकारी/उपजिलाधिकारी/तहसीलदार द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करानी होगी।
2. अनुसूचित जनजाति 2 तदैव
3. अन्य पिछड़ा वर्ग 27 तदैव
4. मा0 विधायक / संसद / स्वतंत्रता संग्राम सेनानी

 

5 (अ) पंजीकरण आवेदन पत्र के साथ जिलाधिकारी / अधिकृत प्राधिकारी द्वारा निर्गत प्रमाण-पत्र प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करायें।
(ब) समुचित प्रमाण।

 

5. सरकारी सेवाओं तथा सुरक्षा सेवाओं के कर्मचारी जो 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुका हो। 5 पंजीकरण आवेदन पत्र के साथ अधिकृत प्राधिकारी का प्रमाण-पत्र की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करायें।
6. उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद, विकास प्राधिकरण, जल संस्थान नगर महापालिका व स्थानीय निकायों के कर्मचारी 2 पंजीकरण आवेदन-पत्र के साथ अधिकृत अधिकारी/सक्षम अधिकारी का प्रमाण पत्र मूलरूप में उपलब्ध कराये। शर्त यह है कि कर्मचारी नियमित अधिष्ठान के अन्तर्गत कार्यरत हों।
7. वर्तमान सैनिक, भूतपूर्व सैनिक व उनके आश्रित 3 पंजीकरण आवेदन पत्र के साथ नियत सैनिक अधिकारी/अधिकृत प्राधिकारी के प्रमाण-पत्र की छायाप्रति। किसी राजपत्रित अधिकारी से प्रमाणित उपलब्ध करायें।
8. समाज के विकलांग व्यक्ति 3 मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करायें।
9. वरिष्ठ नागरिक (आवेदन-पत्र को जमा करने की निर्धारित अन्तिम तिथि तक 60 वर्ष अथवा यथा निर्धारित उससे अधिक की आयु पूर्ण होने के आधार पर) 10 हाईस्कूल प्रमाण पत्र / सेवानिवृत्ति प्रमाण पत्र / पेंशन पेपर का प्रमाण पत्र की किसी राजपत्रित अधिकारी से प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध कराये। इन प्रमाण पत्रों के उपलब्ध न होने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा निर्गत आयु प्रमाण पत्र की किसी राजपत्रित अधिकारी से प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध कराये।
10. विदेशी मुद्रा से सम्पत्ति क्रय करने के इच्छुक भारतीय नागरिक नकद के अनुसार पंजीकरण जमा की धनराशि तथा मांग पर शेष मूल्य विदेशी मुद्रा (यू.एस. डालर, पौण्ड, स्टर्लिंग, जर्मन मार्क, जापानी येन, स्विस, फ्रेंक, दिनार) से भारतीय मुद्रा में परिवर्तित कराकर देनी होगी। आवंटन केवल नकद क्रय आधार पर होगा। पंजीकरण आवेदन-पत्र के पंजीकरण जमा धनराशि के विदेशी मुद्रा में परिवर्तित होने का सम्बन्धित बैंक का प्रमाण पत्र संलग्न करना है।

नोट : उपरोक्त मे से क्रमांक 1 से 3 में आवेदक जिस वर्ग में आवेदन करेंगे लाटरी में उसी श्रेणी में सम्मिलित किया जायेगा। क्रमांक 04 से 10 तक के आरक्षण शासनादेश/परिषदादेशों के प्राविधानानुसार श्रेणी 01 से 03 तक व अनारक्षित श्रेणी के मध्य से ही हारिजेन्टल रूप से किया जायेगा।

 


PAYMENT MODE (post allotment)

भुगतान का तरीका
(3 वर्षों में त्रैमासिक किश्तों में भुगतान)

भुगतान की तिथि एवं किश्तों की धनराशि जमा करने के सम्बन्ध में विवरण, पात्रता चयन होने पर मांग पत्र के माध्यम से सूचित किया जायेगा। मांग पत्र निर्गमन तिथि से प्रथम किश्त की धनराशि 30 दिन के अन्दर बैंक कार्य दिवस में निर्धारित बैंक शाखा में जमा करना है तथा शेष धनराशि 11 त्रैमासिक किश्तों में देय होगी। समस्त भुगतान बैंक ड्राफ्ट / बैंकर्स चेक के माध्यम से ही स्वीकार होगा।

फ्लैट के निर्माणाधीन अवस्था में लाटरी से आवेदक को फ्लैट का नम्बर आवंटित किया जायेगा।

मांग पत्र में दर्शाये गये विवरण के अनुसार निर्धारित तिथि तक वांछित भुगतान नहीं किये जाने पर किश्त की देय धनराशि पर विलम्ब अवधि के लिए, जो अधिकतम 03 माह होगी, परिषद नियमानुसार 13.5 प्रतिशत की दर से पूर्ण माह का ब्याज देय होगा, जिसका भुगतान निर्धारित किश्तों की धनराशि के साथ करना होगा अन्यथा आवंटन एवं पंजीकरण निरस्त कर दिया जायेगा।

आवेदक द्वारा निर्धारित तिथि से 3 माह के अन्दर देय किश्त की निर्धारित मूल धनराशि का भुगतान नहीं किया जाता है तो उसका पंजीकरण स्वत: निरस्त समझा जायेगा और जमा की गयी धनराशि की वापसी परिषद के नियमों के अनुसार पंजीकरण धनराशि में से निर्धारित कटौती करते हुए बिना ब्याज के की जायेगी।

नगर निगम अथवा अन्य किसी विभाग/निकाय द्वारा लगाये गये समस्त / कर / शुल्क, गृहकर, जलकर, आदि का भुगतान नियमानुसार आवंटी को करना होगा।

पंजीकरण के उपरान्त मांग पत्र के अनुसार देय किश्तों की धनराशि का भुगतान परिषद द्वारा अधिकृत बैंक में ही बैंक ड्राफ्ट अथवा बैंकर्स चेक द्वारा किया जायेगा। बैंक ड्राफ्ट बैंकर्स चेक "उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद" / "UPAVP" के नाम जो लखनऊ में देय हो, के पक्ष में होना चाहिए। उक्त ड्राफ्ट मांग-पत्र में अधिकृत बैंक शाखा को पंजीकरण संख्या / चालान संख्या आवेदक का नाम, योजना का नाम, फ्लैट संख्या एवं श्रेणी आदि विवरण सहित निर्धारित बैंक चालान पर परिषद खाते में जमा करना होगा।

 


असफल आवेदकों को पंजीकरण धनराशि की वापसी

पात्रता चयन के पश्चात् असफल आवेदको को दो माह के अन्दर बैंक द्वारा सीधे आवेदक के खाते से वापस कर दी जायेगी।

 


भूखण्डों का कब्जा

पंजीकरण पुस्तिका में सूचित मूल्य अनुमानित है, भुखण्ड आवंटन की तिथि को जो भुमिदर होगी तदनुसार भूखण्डों का आवंटन मान्य होगा। तदनुसार प्रदेशन पत्र जारी किया जा सकेगा एवं प्रदेशन पत्र मे सूचित मूल्य के अनुसार वांछित भुगतान करने के उपरान्त कब्जा की कार्यवाही की जायेगी।

किश्तो पर सम्पत्ति का कब्जा प्राप्त करने की दशा में एक माह के भीतर कुल मूल्य का 50 प्रतिशत एकमुश्त भुगतान करना होगा तथा शेष धनराशि की 11.5 प्रतिशत ब्याज सहित 06 वर्ष की किश्तों में देय होगा। प्रथम एकमुश्त व विविध देयको के भुगतान के उपरान्त अध्यावधिक किशतो भुगतान के उपरान्त निर्धारित स्टाम्प पेपर का किराया किश्त क्रय अनुबन्ध निष्पादित कराने के उपरान्त भुखण्ड का कब्जा देय होगा। समस्त धनराशि का भुगतान आवंटी द्वारा अपने खाते से किया जायेगा।

आवंटी द्वारा नकद पर भूखण्ड आवंटन होने पर मूल्य व अन्य समस्त देय समस्त देय सहित स्टाम्प डयूटी का भुगतान के पंजीयन/डीड कराने से पूर्व करना होगा। शासन द्वारा निर्धारित दरों पर देय स्टाम्प डयूटी व रजिस्ट्री शुल्क की अदायगी एवं निबन्धन के बाद भौतिक कब्जा हस्तगत किया जायेगा।

उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद द्वारा सूचित अवधि में फ्लैट का कब्जा न लेने पर आवंटी को नियमानुसार विलम्ब शुल्क देना होगा। ततपश्चात निबन्धन से विलम्बतम तीन माह तक कब्जा न लेने पर उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद को भुखण्ड का आवंटन निरस्त करने का अधिकार होगा।

 


तथ्यों का छिपाना

यदि आवेदक द्वारा दिया गया कोई विवरण असत्य पाया जाता है, तो उसके पंजीकरण / आवंटन / निबन्धन को निरस्त करने का पूर्ण अधिकार उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद में निहित होगा तथा आवंटी द्वारा जमा की गयी धनराशि जब्त कर ली जायेगी एवं नियमानुसार विधि समस्त अन्य कार्यवाही की जा सकेगी।

 


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